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शादी व मांगलिक कार्यक्रमों में रात 12 के बाद केटरिंग, फोटोग्राफर, लाइट डेकोरेशन कर्मी नहीं देंगे सेवा

खंडवा. शहर में होने वाले शादियां व मांगलिक कार्यक्रम में अब रात 12 बजे के बाद केटरिंग, फोटोग्राफर, लाइट डेकोरेशन व टेंट हाउस कर्मी सेवा नहीं देंगे। अगर 12 बजे के बाद ग्राहक सेवा लेता है तो उनसे ऐसासिएशन जुर्माना वसूलेगा।  

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Nightingale, photographer, light decoration personnel will not do afte

खंडवा। लाइट,केटरिंग, फोटो ग्राफर, जनरेटर एसोसिएशन की सामूहिक बैठक में उपस्थित सदस्य।

खंडवा. शहर में होने वाले शादियां व मांगलिक कार्यक्रम में अब रात 12 बजे के बाद केटरिंग, फोटोग्राफर, लाइट डेकोरेशन व टेंट हाउस कर्मी सेवा नहीं देंगे। अगर 12 बजे के बाद ग्राहक सेवा लेता है तो उनसे ऐसासिएशन जुर्माना वसूलेगा। यह निर्णय शुक्रवार को खंडवा की लाइट एसोसिएशन, केटरिंग एसोसिएशन, फोटोग्राफर एसोसिएशन, जनरेटर एसोसिएशन की हुई सामूहिक बैठक में लिया गया है। मांगलिक कार्योक्रमों की पत्रिकाओं में आयोजन का समय निर्धारित न होने से टेंट हाउस, लाइट डेकोरेशन, फोटोग्राफर सहित संबंधित संस्थाओं के कर्मचारियों पर कार्य का बोझ ज्यादा पड़ता व परेशानियां उठाना पड़ती थी। इस अतिरिक्त कार्य के बोझ को कम करने के लिए यह निर्णय गया।

समय निर्धारित करने के लिए करेंगे जागरूक
केटरिंग एसोसिएशन के रितेश कपूर ने बताया रात्रिकालीन मांगलिक कार्यक्रमों की पत्रिका में आने का समय शाम 7 बजे से रात 11 बजे निर्धारित करने के लिए जागरूता भी चलाई जाएगी।

रात्रिकालीन मांगलिक कार्यक्रमों समय आपके आगमन लिखने से नुकसान के यह दिए तर्क

- ज्यादा देर तक बना भोजन खराब होने की आशंका बनी रहती है।
-खाना बनाने वाले मजदूर एवं महिलाएं सुबह 6 बजे आते हैं। देर रात तक कार्य करने से वे दूसरे दिन अन्य काम पर नहीं जा पाते।
-देर रात का खाया-खाना जल्दी पचता भी नहीं है। खाना मसालेदार होता है।
-आप स्वयं भी अगर देर रात तक कार्यक्रम में रहते हैं तो अगले दिन के आपके कार्यक्रम भी लेट होते हैं।
-शादियों के सीजन में अगर आप देर रात तक आने समय लिखने पर टेंट हाउस, लाइट डेकोरेशन, केटरिंग, फोटोग्राफी कर्मचारी भी ज्यादा लेट होते है तो उन्हें दूसरे दिन के कार्यक्रम या अन्य मांगलिक कार्यक्रम समय पर करने में परेशानी आती है।
- देररात कार्यक्रम से लौटते समय मेहमानों को भी आवागमन के साधनों की परेशानी होती है।
-आयोजन ज्यादा लेट होने से जब कर्मचारी देर रात घर लौटते हैं तो उन्हें कई बार पुलिस की पूछताछ का भी सामना करना पड़ता है।
-जनरेटर ज्यादा रात्रि तक चलने से ध्वनि एवं वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। डीजल की लागत भी ज्यादा आती है।