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बिजली उपभोक्ताओं को अब बढ़े हुए बिल का झटका झेलना पड़ेगा। पावर जनरेटिंग कंपनियों की मांग पर मप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली दरों में 4.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले का सीधा असर जिले के करीब 2.60 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। जिन पर मासिक लगभग एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार बढऩे का अनुमान है।
एक अप्रैल से लागू होगी दर
नई दरें अप्रैल माह से लागू होगी और मई माह में बढ़ी हुई दरों से बिजली बिल आएंगे। जिले में कुल 3.50 लाख उपभोक्ता है, जिसमें से 90 हजार कृषि कनेक्शन वाले हैं, जिनका टैरिफ पूर्व की तरह रखा गया है। वहीं, घरेलू, व्यवसायिक और इंडस्ट्री वाले 2.60 लाख उपभोक्ताओं पर बढ़े हुए टैरिफ का भार पड़ेगा। हालांकि 100 यूनिट और 150 यूनिट से कम बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सब्सिडी वाले बिलों का बढ़ा हुआ टैरिफ सरकार द्वारा ही वहन किया जाएगा।
हर माह करीब 20 करोड़ के राजस्व की मांग
जिले में घरेलू, व्यवसायिक और इंडस्ट्री के उपभोक्ताओं को बिजली कंपनी हर माह 20 करोड़ के बिल जारी करती है। इसमें शहर में कुल 69079 उपभोक्ता भी शामिल है, जिन्हें हर माह 6.60 करोड़ के बिल दिए जाते है। नए टैरिफ बढऩे से 4.80 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अब मई माह से एक करोड़ के अतिरिक्त बिल जारी होंगे, यानि 21 करोड़ के राजस्व की मांग बिजली कंपनी को रहेगी। घरेलू, व्यावसायिक और छोटे उद्योगों से जुड़े उपभोक्ताओं को अब हर महीने पहले की तुलना में अधिक बिल चुकाना होगा।
कांग्रेस ने दर्ज कराया विरोध, उपभोक्ता भी नाराज
नियामक आयोग द्वारा की गई बिजली दरों में वृद्धि को लेकर उपभोक्ताओं में खासी नाराजगी है। आम लोगों का कहना है कि पहले ही महंगाई के कारण घर का बजट बिगड़ा हुआ है, ऐसे में बिजली दरों में वृद्धि से आर्थिक दबाव और बढ़ेगा। वहीं, इस मामले में कांग्रेस ने भी अपना विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि पहले ही लोग महंगाई से त्रस्त है, अब बिजली बिल का भी झटका सरकार ने दे दिया है। आम उपभोक्ताओं पर हर माह 200 से 300 रुपए तक आर्थिक भार बढ़ेगा।
Updated on:
30 Mar 2026 11:59 am
Published on:
30 Mar 2026 11:58 am
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