खंडवा. आयुक्त रेल सुरक्षा आरके शर्मा की टीम ने सोमवार को खंडवा रेलवे स्टेशन से बाइपास केबिन तक बनी नई ब्रॉडगेज लाइन का उद्घाटन करते हुए इस ट्रैक को हरी झंडी दे दी है। यात्री ट्रेन और मालगाड़ी के संचालन के लिए पश्चिम रेलवे, मध्य रेलवे के रतलाम व भुसावल मंडल के स्टेशनों से खंडवा बाईपास केबिन तक नई परिवर्तित ब्रॉडगेज लाइन पर 102 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अफसरों ने रेल दौड़ाकर ट्रैक को जांच लिया। सीआरएस ने इस रेल खंड में 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार बढ़ाने की स्वीकृति दी है। इस दौरान रतलाम मंडल के डीआरएम रजनीश कुमार, भुसावल मंडल के डीआरएम एसएस केडिया भी मौजूद रहे।
पटरी देख हुए नाराज
सीआरएस ने लालचौकी के पास पटरी को अपने हाथ से जांचा। चेम्बर को साफ नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने नवनिर्मित गेटमैन कक्ष, एसएंडटी, उपकरण कक्ष, बैटरी कक्ष देखा।
सेफ्टी जैकेट क्यों नहीं मिला
वेस्टर्न रेलवे के एक अधिकारी ने लालचौकी पर ही निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों से पूछ लिया कि नया सेफ्टी जैकेट क्यों नहीं पहना। जबकि वेस्टर्न रेलवे वाला जैकेट 6 माह पहले भेजा था। उन्होंने कर्मचारियों को कहा कि जैकेट नहीं मिलता तो मेरे पास आइयेगा।
सीआरएस ने खोल दिया बोर्ड
सीआरएस शर्मा ने बैटरी कक्ष में लगा इलेक्ट्रिक बोर्ड खोलकर देखा। उन्होंने पूछा, कौन से स्विच, केबल लगाए गए हैं और कोटेशन में क्या थे? इसके जांचने के निर्देश देते हुए बैटरी को उठाकर गुटका लगाने को कहा। इसके बाद स्लाइडिंग बूम को जांचा और उसे चलाकर देखा। यहां रोलर बेयरिंग को टच नहीं कर रहा था। इस पर संबंधित अधिकारी को कहा कि उन्होंने तकनीकी स्वीकृति कैसे दे दी। इसको लेबल करने के निर्देश दिए।
चाक चौबंद रही व्यवस्थाएं
बाइपास केबिन में स्टेशन अधीक्षक हिमांशु तिवारी, स्टेशन मास्टर विकास कुमार बड़ोले, विभोर लाड, स्वप्निल साहू की तैनाती रही। यहां से लोके पायलट सचिन वर्मा सीआरएस स्पेशल ट्रेन लेकर खंडवा जंक्शन तक गए।
बहुत बड़ी गलती है…
सीआरएस में मौजूद रहे एक रेल अफसर ने मंडल अधिकारियों से पूछ लिया कि नए रेल खंड में इससे पहले 120 की रफ्तार में ट्रेन चलाई है। जबाव मिला, अब तक नहीं। ऐसे में कहा गया कि यह तो बहुत बड़ी गलती है।
रेल अफसरों को निर्देश
– किसी भी असुरक्षित घटना से बचने के लिए नए रूट पर जन जागरूकता की जाए।
– नए खंड में पहली 3 यात्री ट्रेनें जेएस अधिकारियों के साथ होंगी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अगले 3 दिनों तक गाड़ियों को इंजन, यातायात विभाग के पर्यवेक्षकों द्वारा एस्कॉर्ट किया जाएगा।
– रनिंग ट्रैक के पास पड़ी कई जगहों पर बिखरी हुई रेल सामग्री को ट्रेन संचालन शुरू करने से पहले हटा दिया जाएगा।
– यात्री यातायात के लिए सेक्शन को सुनिश्चित करने के बाद ही चालू किया जाए।