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खंडवा. सब कुछ सही रहा तो जल्द ही ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी पानी से लबालब दिखाई देगी। इसके लिए एनएचडीसी ने करीब सवा करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है। इस टेंडर में ओंकारेश्वर बांध के डाउन स्ट्रीम के पास गहरीकरण करके नाले का स्वरूप दिया जाएगा, ताकि कावेरी से अधिक पानी नर्मदा की ओर से बहे और घाटों पर स्नान के लिए पर्याप्त जल स्तर बना रहे। टेंडर की अंतिम तारीख भी 9 दिसंबर ही तय है। संभावना है कि कुछ माह में ही यह सुविधा श्रद्धालुओं को मिलने लगेगी।
ओंकारेश्वर बांध के टरबाइन से पानी निकलने के बाद ओंकार पर्वत से टकराकर दो हिस्सों में बंट जाता है। एक ओंकार पर्वत के पीछे कावेरी नदी और दूसरा ओंकार पर्वत के आगे नर्मदा के घाटों से होते हुए जा रहा था। कावेरी की गहराई नर्मदा से अधिक है। इसलिए पानी का दबाव कावेरी में ही रहता है। जब टरबाइन को चलाया जाता है तब जाकर नर्मदा में पानी का लेबल बढ़ता है। पानी कम होने से लोग घाटों पर नीचे तक उतर जाते हैं, जहां से फिसलने से हादसे की आंशका बनी रहती है।
आंदोलन समाप्त
नर्मदा जल के बहाव को सामान्य रखने के लिए ओंकारेश्वर में पिछले कई दिनों से आंदोलन चल रहा था। इसमें स्थानीय लोगों के साथ ही साधु- संत महात्मा शामिल थे। उन्होंने नर्मदा के अविरल बहने को लेकर मांग की थी। रविवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद नंद कुमार सिंह चौहान भी पहुंचे और उन्होंने जल्द ही व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। इसके बाद यह आन्दोलन छह माह के लिए समाप्त हो गया। ओंकारेश्वर में जलस्तर सामान्य रहने से घाटों पर सुरक्षा भी बढ़ेगी। इसके अभाव में आएदिन दुर्घटना होने से लोगों में रोष पनप रहा था।
बांध के डाउन स्ट्रीम के पास गहरीकरण को लेकर टेंडर जारी हो चुका है। जल्द ही इस कार्य को पूरा कराकर पानी को कावेरी की जगह नर्मदा में डायवर्ट किया जाएगा।
एस दुबे, प्रबंधक एनएचडीसी
Published on:
28 Nov 2017 11:29 am
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