
Patrika Jan Agenda: Bypass file worth Rs 134 crore stuck in Bhopal for 2 years,
विधानसभा चुनाव 203 में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। खंडवा, मांधाता में गुुरुवार को भाजपा, कांग्रेस के तीन प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। इस बीच पत्रिका ने खंडवा विधानसभा में क्षेत्र में जन एजेंडे पर चर्चा की तो युवा, किसान, समाजसेवी ओर कारोबारियों ने बेबाकी से मुद्दे रखे, बोला कि प्रतिनिधियों की इच्छा शक्ति से ही विकास को गति मिलेगी। गुरुवार शाम चार बजे टैगोर पार्क में पत्रिका के जन एजेंडा कार्यक्रम में जुटे समाजसेवियों का दर्द छलक पड़ा। युवा, किसान, कारोबारी और समाजसेवियों ने कहा विकास हुआ है लेकिन जिस तरह से होना चाहिए उस तरह नहीं हो रहा है।
शहर का मास्टर प्लान भोपाल में लटका
शहर में जनता को मिलने वाली सहूलियत और उनके विकास के कई प्रोजेक्ट दरवाजे पर खड़े हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों की कमजोर इच्छा शक्ति से पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं। प्रतिनिधियों की इच्छा शक्ति ही है जो पांच साल से तीन पुलिया का फ्लाई ओवर चालू नहीं हो सका। शहर के लिए 134 करोड़ के बायपास की फाइल पर चर्चा नहीं हो सकी। शहर का मास्टर प्लान भोपाल में लटका हुआ है। इस दौरान अनिल बाहेती, शशिकांत तिवारी, रवी कुमायू, शुभम रावत, रत्नेश पाटिल, यश थापा आदि ने अपने-अपने विचार रखे। समाजसेवियों ने पत्रिका के इस जन एजेंडे के तहत विस चुनाव में 17 नवंबर को होने वाले चुनाव में मतदान के लिए लोगों को प्रेरित करने की शपथ ली।
ये प्रमुख एजेंडे
मास्टर प्लान लागू किया जाए।
यातायात व्यवस्था सुदृढ़ की जाए।
बायपास का निर्माण के साथ तीन पुलिया पुल को तत्काल चालू करें
बेटे व बेटियों को उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए कालेज खोला जाए।
उद्योगों को स्थापित कर युवाओं को रोजगार दिया जाए।
मेडिकल कालेज में आधुनिक मशीनें और चिकित्सक बढ़ाए जाएं।
खंडवा-छैगांव माखन उद्वहन सिंचाई योजना जल्द स्थापित हो।
जनता की सुविधा के लिए एक छत के नीचे सभी कार्यालय लगाए जाएं।
छैगांवमाखन, मूंदी मंडी चालू कराए
हमारा शहर विकास में बहुत पिछड़ा हुआ है। बेरोजगार युवा अब राजनीति में रूचि ले रहा है, क्यों राजनीति के माध्यम से वह रोजगार करना चाहता है। यह सरासर गलत है। राजनीति में लिप्त होकर रोजगार नहीं ढूढ़ना चाहिए। सबसे पहले शहर का मास्टर प्लान लागू होना चाहिए। हम भविष्य में युवाओं का ग्रुप तैयार करके रोजगार के अवसर बनाएंगे।
दीपक राठौर, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम,
सरकार ने करोड़ों रुपए के मेडिकल कॉलेज की सौगात दी है। प्रबंधन व्यवस्थित नहीं होने से आज भी हम पहले की तरह ही चिट्टी लेकर खंडवा से इंदौर रेफर हो रहे हैं। कॉलेज खुल गया रेफर से निजात नहीं मिल रही है। शहर की सड़कों पर इतने गड्ढे हैं कि बाइक निकालना मुश्किल है। दो साल पहले 134 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। अभी तक भोपाल में अटका है।
सुनील जैन, समाजसेवी
शहर के आस-पास सैकड़ो गांव जुड़े हैं। युवाओं को पार्ट टाइम रोजगार की व्यवस्था होनी चाहिए। सिटी बस चलने से युवाओं सहूलियत मिलेगी। क्यों कि आस-पास गांवों से छात्र शहर पढ़ने के लिए आते हैं। उन्हें ऑटो टैक्सी किराया अधिक लगता है। युवाओं को रोजगार के लिए उद्योग स्थापित होना चाहिए। रोजगार के लिए आज भी अन्य प्रदेश जाना पड़ता है।
रवी कुमायू, युवा
शहर के बायपास निर्माण के साथ ही क्षेत्रीय रेल यातायात को जल्द चालू करना होगा। शहर का यातायात से हर जिंदगी जूझ रही है। हमारे प्रतिनिधियों को सबसे पहले यातायात पर काम करना चाहिए। इससे हर एक की जिंदगी सुरक्षित होगी। शहर को साफ-सुथरा और पार्क स्थापित करने की जरूरत है। जो पार्क पहले से बनाए गए हैं। उनमें पौधे लगाए जाएं।
अनिल बाहेती, व्यापारी
गांव की पगडंडियों से ही देश और प्रदेश का विकास होता है। गांव में रोजगार पैदा करने के लिए किसानों के खेत तक पानी पहुंचाना होगा। कई बार मंच से बातें बहुत हुईं लेकिन जमीन पर पानी नहीं मिल रहा है। लंबे समय से छैगांव माखन, मूंदी आदि जगहों पर मंडियां बंद पड़ी हैं। छैगांव माखन की मंडी में प्याज भंडारण शुरू करने से किसानों को सहूलियत मिलेगी। -
सुभाष पटेल, किसान नेता
Published on:
27 Oct 2023 11:45 pm

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