
human right day
अवधेश गंगराडे़ (खंडवा). मानव अधिकार को लेकर लोगों में अभी भी सतर्कता और जागरुकता का अभाव है। लोग अपने प्रति हो रहे अत्याचारों को सहन कर अधिकारों को भूलते जा रहे हैं। इस साल अभी तक एक भी मामला सामने नहीं आया है। जबकि वर्ष २०१६ में ४ मामले आए थे जो अत्याचार सहित बालश्रम से जुड़े थे। अधिकारों के प्रति लोगों को शिविर और अन्य माध्यम से जानकारी नहीं मिलने से कुछ लोग शिकायत नहीं कर पाते हैं तो कुछ अत्याचार को सहन कर इसे और बढ़ावा देते हैं।
मानव अधिकार आयोग के जिला संयोजक नारायण बाहेती ने बताया अधिकार का हनन होने पर आयोग कार्रवाई करता है। मानवाधिकार व्यक्तियों को दिए गए मूल अधिकार हैं। यह सब जगह समान हैं। किसी व्यक्ति की जाति, पंथ, रंग, लिंग, संस्कृति और आर्थिक या सामाजिक स्थिति से अलग कर ये अधिकार प्राप्त हैं। हालांकि कभी-कभी व्यक्तियों, समूहों या स्वयं राज्य द्वारा इनका उल्लंघन किया जाता है। लोगों को उल्लंघन के खिलाफ खुद आवाज उठाना चाहिए।
मानव अधिकार आयोग के गठन का उद्देश्य
लोगों में मानव अधिकारों को लेकर जागरूक करना। इसके साथ उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी देना, लोगों को उनके प्रति हो रहे अत्याचारों को रोकने और उनके खिलाफ आवाज उठाना। अल्पसंख्यक समूह जैसे महिलाएं, नाबालिग, युवा, गरीब, दिव्यांग व्यक्तियों को भी सभी सामाजिक गतिविधियों ने भाग लेने का अधिकार प्राप्त है।
इस बार की थीम...
मानव अधिकार आयोग इस बार महिलाआें को लेकर कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इसमें महिला उत्पीडऩ सहित महिला के अधिकारों को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसमें महिलाआें को उनके अधिकार के प्रति जागरूक कर उन्हें जानकारी दी जाएगी।ये हैं हमारे मानव अधिकार...
सार्वभौमिक मानव अधिकार...
जिंदगी जीने, आजादी और निजी सुरक्षा का अधिकारसक्षम न्यायाधिकरण द्वारा बचाव का अधिकार, कानून के सामने व्यक्ति के रूप में मान्यता के अधिकार, मनमानी गिरफ्तारी और निर्वासन से स्वतंत्रता, अपराध सिद्ध न होने तक निर्दोष माने जाने का अधिकार, उचित सार्वजनिक सुनवाई का अधिकार, आंदोलन की स्वतंत्रता, गोपनीयता, परिवार, गृह और पत्राचार में हस्तक्षेप से स्वतंत्रता, अन्य देशों में शरण का अधिकार, राष्ट्रीयता को बदलने की स्वतंत्रता का अधिकार, विवाह और परिवार के अधिकार, शिक्षा का अधिकार, खुद की संपत्ति रखने का अधिकार, शांतिपूर्ण सभा और एसोसिएशन बनाने का अधिकार, चुनाव में भाग लेने का अधिकार, विश्वास और धर्म की स्वतंत्रता, सही तरीके से रहने जीने का अधिकार, समुदाय के सांस्कृतिक जीवन में भाग लेने का अधिकार, सामाजिक सुरक्षा का अधिकार, वांछनीय कार्य और ट्रेड यूनियन में शामिल होने का अधिकार, अवकाश और विश्राम का अधिकार, अधिकारों में राज्य या व्यक्तिगत हस्तक्षेप से स्वतंत्रता, बुनियादी मानवाधिकार में जीवन का अधिकार, सोच, विवेक और धर्म की स्वतंत्रता, आंदोलन की स्वतंत्रता, अत्याचार से स्वतंत्रता, उचित परीक्षण का अधिकार, दासता या गुलामी से स्वतंत्रता, बोलने की स्वतंत्रता..।
यहां कर सकते हैं शिकायत
नारायण बाहेती, जिला संयोजक खंडवा, मो. ९४२५६३९१११
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग पर्यावास भवन, अरेरा हिल्स, भोपाल
Published on:
10 Dec 2017 01:04 pm
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