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यह है गजब के प्ले स्कूल, फ्री में मिलेगी औपचारिक शिक्षा और खेल सुविधा

जिले के 7 आंगनवाड़ी को 28 अगस्त से बाल शिक्षा केंद्र की मिलेगी पहचान, उम्र समूह का होगा अलग सिलेबस, निजी प्ले स्कूल की तर्ज पर आंगनवाडिय़ों में मिलेगी नर्सरी की शिक्षा  

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खंडवा। छैगांवमाखन परियोजना की आंगनवाड़ी क्रमांक बाल शिक्षा केंद्र पाडल्या।

खंडवा. महिला बाल विकास विभाग की ओर से संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में निजी प्ले स्कूल जैसी सुविधाएं मिलेंगी। आंगनवाड़ी आने वाले बच्चों नर्सरी की शिक्षा, उम्र वर्ग अनुसार सिलेबस, खेल सुविधाएं व केंद्रों के भवन, परिसर में निजी प्ले-स्कूल के जैसा ही वातावरण, आंगनवाड़ी छोडऩे पर प्रमाणपत्र मिलेगा। 28 अगस्त से जिले की 7 आंगनवाड़ी को बाल शिक्षा केंद्र के नाम से पहचाना जाएगा।
केंद्र सरकार की पालिसी अर्ली चाइल्ड केयर एवं एजुकेशन (ईसीसीई) के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग प्रदेश की 313 आंगनवाड़ी में बाल शिक्षा केंद्र शुरू कर रहा है। इसमें प्रत्येक ब्लॉक से एक-एक आंगनवाड़ी को शामिल किया है। यह नवाचार का प्रथम चरण है। दूसरे चरण में शेष आंगनवाड़ी केंद्रों को शामिल करेंगे। 6 वर्ष के कम आयु के बच्चों में खेल में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अच्छी आदतें व दैनिक जीवन कौशल को विकसित करने, आंगनवाड़ी में बच्चों की संख्या बढ़ाने और अभिभावकों को आंगनवाड़ी में आकर्षित करने के लिए बाल शिक्षा केंद्र शुरू किए जा रहे हैं।

निगरानी के लिए बनाए शिशु विकास कार्ड
बच्चों के विकास की निगरानी के लिए शिशु विकास कार्ड बनाए हैं। बच्चों में होने वाली शारीरिक व मानसिक विकास की गतिविधियां समय-समय पर कार्ड में नोट जाएगी। क्रियात्मक खेल, रचनात्मक नाटक या नकल करने वाले खेल, सामूहिक और नियमबद्ध खेल शामिल हैं। बाल शिक्षा केंद्र में 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए आयु समूह के अनुसार अलग सिलेबस तैयार किया है।

आकर्षित करने को बाल शिक्षा केंद्र सजाए
बच्चों और अभिभावक को आकर्षित करने के लिए निजी प्ले-स्कूल जैसे ही बाल शिक्षा केंद्र को तैयार किया है। परिसर में रंग-बिरंगी साज- सज्जा, प्ले-सुविधा, झूला, खिलौने व एजुकेशन मटेरियल उपलब्ध कराए हैं। कक्ष में दीवारों पर चार्ट, पोस्टर, कटआउट आदि लगाएं गए। आंगनवाड़ी में जमीन पर बड़े-बड़े हिंदी, अंग्रेजी के शब्द लिखे गए ।

कलेक्टर की बेटी को नहीं मिल पाएगी बाल शिक्षा केंद्र की सुविधा

महिला बाल विकास की प्रत्येक ब्लॉक से एक-एक आंगनवाड़ी को बाल शिक्षा केंद्र बनाया गया है। खंडवा ब्लॉक में दो परियोजना शहर व दूसरी ग्रामीण है। खंडवा ग्रामीण परियोजना की ग्राम डिगरिस आंगनवाड़ी को बाल शिक्षा केंद्र बनाया है। खंडवा शहर परियोजना एक भी आंगनवाड़ी को फिलहाल शामिल नहीं किया है। शहर परियोजना की पुलिस लाइन स्थित आदर्श आंगनवाड़ी क्रमांक 13 में भी शामिल है। जहां खंडवा कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल की बेटी पंखुड़ी जाती है।

आंगनवाड़ी में बच्चों की संख्या बढ़ाने व अभिभावक को आकर्षित करने के उद्देश्य से आंगनवाड़ी केंद्र में बाल शिक्षा केंद्र शुरू कर रहे हैं। 28 अगस्त को जनप्रतिनिधि जिले की 7 आंगनवाड़ी में बालशिक्षा केंद्र का शुभारंभ करेंगे।
अंशुबाला मसीह, डीपीओ, महिला बाल विकास अधिकारी, खंडवा