
खंडवा. छाया मोरे, पूर्व प्रत्याशी पंधाना विस। मुकेश दरबार, कांग्रेस नेता।
खंडवा.
विधानसभा चुनाव से पहले दोनों ही प्रमुख दलों में असंतोष सामने आ रहा है। नारी अपमान के चलते भाजपा में दो इस्तीफे हो चुके है। वहीं, अब कांग्रेस में भी इस्तीफों को लेकर बवाल शुरू हो गया है। ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति से नाराज पंधाना विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी छाया मोरे ने गुरुवार को अपना इस्तीफा जिलाध्यक्ष को दे दिया। इधर, एक दिन पहले हरसूद विधानसभा प्रभारी के विरोध में इस्तीफा देने वाले मुकेश दरबार का इस्तीफा गुरुवार का जिलाध्यक्ष ने मंजूर कर लिया। कांग्रेस में हुए इस्तीफों से दोनों ही विधानसभाओं में प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ जाएगी।
2018 में पंधाना विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहीं छाया मोरे महज 23 हजार मतों से हारी थीं। मूल रूप से खरगोन जिले के बमनाला निवासी छाया मोरे पिछले 10 साल से पंधाना विधानसभा में सक्रिय है और कांग्रेस की कमान संभाल रही है। पिछले चुनाव में हार के बाद भी छाया मोरे ने क्षेत्र में सक्रियता बनाए रखी थी। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री अरुण यादव समर्थक छाया मोरे ने पार्टी के वरिष्ठों पर अनदेखी का आरोप लगाया है। छाया मोरे का कहना है कि 2018 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी को मैदान में उतारने वाले बागियों द्वारा प्रदेश संगठन के नेताओं के पुतले भी फूंके थे। चार साल से निष्क्रिय बैठे इन लोगों को कांग्रेस में शामिल कर अब पद दे दिया गया है।
शायद पंधाना को छोड़ दिया भाजपा के हवाले
छाया मोरे ने बताया कि छैगांवमाखन, पंधाना नगर और पंधाना मंडल में जिन्हें अध्यक्ष बनाया गया है, वह पूर्व में पार्टी विरोधी रहे हैं। इसकी शिकायत पीसीसी चीफ कमलनाथ, दिग्विजयसिंह, जिला प्रभारी कैलाश कुंडल से भी की, लेकिन सबने अपना पल्ला झाड़ लिया। शायद पार्टी पंधाना में कांग्रेस का विधाायक ही नहीं देखना चाहती है, भाजपा के हवाले कर दिया है। पंधाना विस में हुई नियुक्तियों को लेकर कार्यकर्ताओं में भी आक्रोश था, जिसके चलते इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा।
इधर मुकेश दरबार ने भी छोड़ी कांग्रेस
हरसूद विधानसभा में कांग्रेस नेता मुकेश दरबार ने भी अपना इस्तीफा जिलाध्यक्ष अजय ओझा को दे दिया। अजय ओझा ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा मंजूर कर लिया है। दरबार ने इस्तीफे के पूर्व हाल ही में हरसूद प्रभारी बनाए गए अशोक पटेल पर मंत्री विजय शाह के करीबी होने, विस चुनाव 2018 में प्रत्याशी सुखराम सालवे और अशोक पटेल पर पार्टी फंड गबन करने का आरोप लगाया है। हालांकि जिलाध्यक्ष ओझा ने इस्तीफा मंजूर करने का कारण दरबार द्वारा फेसबुक पर राहुल गांधी को लेकर की गई टिप्पणी को बताया है।
भाजपा में जाने की अटकलें तेज
छाया मोरे के इस्तीफे के बाद उनके भाजपा में जाने की अटकलें तेज हो गई है। उल्लेखनीय है कि अरुण यादव समर्थक नारायण पटेल, सुमित्रा कास्डे पूर्व में भाजपा ज्वाइन कर चुके हैं और वर्तमान में भाजपा से विधायक है। सूत्रों के मुताबिक छाया मोरे भी अपने 200 समर्थकों के साथ एक-दो दिन में भोपाल जाकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकतीं है।
दोबारा रिपिट नहीं होता विधायक
पंधाना विधानसभा में पिछले 25 साल से रिकार्ड रहा है कि यहां कोई भी विधायक दूसरी बार नहीं चुना गया है। स्व. किशोरीलाल वर्मा के बाद देवेंद्र वर्मा, अंतरसिंह बारे, योगिता बोरकर और वर्तमान विधायक राम दांगोरे है। आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा से विधायक राम दांगोरे प्रत्याशी होंगे या नहीं, भविष्य के गर्त में है, लेकिन छाया मोरे के भाजपा में जाने के बाद यहां वर्तमान विधायक की मुश्किल बढ़ सकती है।
पीसीसी चीफ को प्रेषित किया इस्तीफा
छाया मोरे का इस्तीफा मिला है, मेरे स्तर का मामला नहीं होने से पीसीसी चीफ कमलनाथ को प्रेषित किया है। मुकेश दरबार का इस्तीफा हमारे राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी पर अनर्गल टिप्पणी करने पर मंजूर किया गया है।
अजय ओझा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
Published on:
11 Aug 2023 12:26 pm
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