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रीवा से आया चावल की गुणवत्ता पर उठे सवाल, खंडवा में हुई जांच तो निकला परफेक्ट

रीवा में बताया था 35 फीसदी तक टूटा है चावल, रीवा से रविवार दोपहर पहुंचा है 43 लाख क्विंटल चावल

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खंडवा. खंडवा, बुरहानपुर और खरगोन में वितरित होने रीवा नागरिक आपूर्ति निगम (नॉन) ने शनिवार को 26 हजार क्विंटल की रैक खंडवा भेजी थी लेकिन रीवा में इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे। रीवा से मिली जानकारी के अनुसार रीवा से भेजे गए चावल कि प्रति क्विंटल चावल में 25 प्रतिशत तक टूटे चावल की छूट है जबकि रैक में भेजे गए टूटे चावल की मात्रा औसत प्रति क्विंटल में 30 से 35 प्रतिशत बताई जा रही है। इसकी जानकारी लगाते ही जैसे ही रविवार दोपहर करीब 1 बजे रैक खंडवा पहुंची तो नागरिक आपूर्ति निगम खंडवा के अधिकारियों ने रेलवे गोदाम पहुंचकर चावल के उतरने से पहले ही उसकी गुणवत्ता की जांच की। जिसमें नॉन के अधिकारियों व सेंट्रल वेयर हाऊस के अधिकारी व गुणवत्ता की जांच करने वाले कर्मचारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जिसमें करीब चावल की गुणवत्ता 19.4 प्रतिशत जांची गई। बता दें कि रीवा से शनिवार को चावल की 26 हजार क्विंटल की रैक खंडवा भेजी गई है जो रविवार दोपहर खंडवा पहुंची। जो रविवार दोपहर खंडवा में उतरा गया। लेकिन रीवा से भेजे गए चावल की रैक में गुणवत्ता विहीन चावल की आपूर्ति किए जाने की जानकारी खंडवा के लगभग सभी अधिकारियों को लग गई थी इसके बाद उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे इसी की जांच करने के लिए अधिकारियों ने रविवार को रेलवे गोदाम पहुंचकर जांच कराई। जिसमें चावल एफएक्यू क्वालिटी का पाया गया।
गरीबों को वितरित होने आया है चावल
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खंडवा, बुरहानपुर और खरगोन में वितरित करने के लिए रीवा नागरिक आपूर्ति निगम ने द्वारा भेजा गया है। नागरिक आपूर्ति निगम रीवा से मिली जानकारी के अनुसार चावल की गुणवत्ता गोदाम में जमा करने पहले जांची जाती है। खंडवा भेजे गए चावल गुणवत्ता की भी जांच की गई थी जिसकी गुणवत्ता ठीक बताई गई थी।
इनका कहना..........
- चावल की गुणवत्ता गोदाम में जमा करने के दौरान ही जांच ली जाती है इसके बाद गोदाम से चावल रैक के लिए भेजा जाता है। चावल की गुणवत्ता ठीक है, अब तक तीन रैक भेजी जा चुकी है। ऐसी कोई शिकायत आएगी तो कार्रवाई होगी।
पंकज बोरसे, जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम रीवा
- रीवा से आए चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे जिसमें बताया जा रहा था कि 30 से 35 फीसदी चावल टूटा हुआ है। जिसकी जानकारी लगते ही रैक खाली होने से पहले ही उसकी जांच कराई गई है उसमें 19.4 फीसदी तक टूटा है चावल पाया गया है।
शरद अग्रवाल, जिला प्रबंधन, नागरिक आपूर्ति निगम खंडवा