
bus race in khandwa
खंडवा. परिवहन विभाग अपनी कमाई के लिए कुछ भी करने को तैयार है, चाहे भले उस कमाई के चक्कर में लोगों की जान क्यों न चली जाए। एक एेसा ही मामला परिवहन विभाग ने इंदौर टू खंडवा बसों को एक समय में परमिट देकर कर दिया है। इससे आए दिन आते-जाते करीब चार बसों के बीच रेस हो रही है। सवारी लेने के चक्कर में बस चालक खराब सड़कों पर भी फर्राटा भरते हुए निकलते हैं। एेसे में आए दिन इनके बीच मारपीट की नौबत तक आ जाती है, जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। इसकी शिकायत इंदौर के अधिकारियों को हुई है, लेकिन कोई निराकरण नहीं हुआ है।
ये है मामला
इंदौर से खंडवा के लिए दो बसों एमपी ०९ एफए ७८८२ को इंदौर से रोशनी के लिए परमिट है। जिसका समय ४.५५ है। वहीं दूसरा परमिट इंदौर से खंडवा के लिए ४.५५ ही कृष्णा बस सर्विस को दिया गया है। वहीं खंडवा से जाते समय गंगा बस सर्विस को खंडवा से १०.२० का समय और १०.२२ पर .... को दिया है। जबकि १०.२५ पर चौहान बस सर्विस को परमिट दे दिया गया है। दो मिनट और तीन मिनट के बीच दिया गया है।
सड़क खराब लेकिन समय पर पहुंचने की जल्दी
इंदौर इच्छापुर वाली सड़क खराब हो गई है। एेसे में ये बस चालक नंबर पकडऩे के लिए लगातार तेज रफ्तार में बस दौड़ाते हैं। रेसिंग के चक्कर में आए दिन यात्रियों की सांसे अटकी रहती हैं। तीन चार दिन पहले ही आगे पीछे के चक्कर में बीच सड़क पर आपस में झगड़े हो गए, स्थिति यह बनी कि यात्रियों को उतर कर झगड़े में शामिल होना पड़ा था, लेकिन न तो परिवहन विभाग को इससे मतलब है और न ही पुलिस को, जो इनके लिए खतरनाक हो सकता है।
दो साल पहले 25 की गई थी जान
दो साल पहले एक जुलाई को इंदौर से खंडवा आ रही बसों की तेज रफ्तार के चक्कर में ही छैगांवदेवी के पास बस दुर्घटना हो गई थी। इसमें कुल २५ लोगों ने दम तोड़ दिया था। खंडवा-इंदौर रोड को खतरनाक मानते हुए इस पर पीक ऑवर में पांच मिनट नहीं तो सामान्य स्थिति में १० मिनट तक की अनुमति देने का आदेश दिया गया था, लेकिन फिर से यह खेल शुरू हो गया है, इससे कभी भी अनहोनी हो सकती है।
Published on:
12 Dec 2017 12:55 pm
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