खंडवा. रेलवे के अफसर इन दिनों अपनी जमीन को सुरक्षित करने में लगे हैं। इस बीच जब नगर पालिक निगम के सूरज कुंड वार्ड की नाप के बाद रेलवे ने अपने पिलर लगाए तो यहां के रहवासी परेशान हो गए। प्लॉट खरीदने के बाद कई वर्षों से यहां मकान बनाकर रह रहे लोगों के सामने अब एक बड़ा संकट रेलवे ने खड़ा कर दिया है। ऐसे में परेशान लोग रजिस्ट्री लेकर रविवार को कोतवाली पहुंचे। यहां उन्होंने कोतवाली टीआइ बलराम सिंह राठौर को एक आवेदन दिया है और अब सोमवार को प्रशासन के पास मामले में दखल देने की मांग करेंगे।
रजिस्ट्री दिखाकर बोले, देते हैं टैक्स
सूरज कुंड वार्ड के रविन्द्र नगर, शंकर नगर, खेड़ापति हनुमान मंदिर के पीछे आठ खोली खंडवा के स्थायी निवासी अपनी फरियाद लेकर आए थे। इनके साथ प्लाटिंग करने वाले कॉलोनाइजर के पार्टनर सुब्रत कुमार सेनगुप्ता भी रहे। मकान मालिकों का कहना है कि उन्होंने कई साल पहले राजस्व नियमों के तहत प्लॉट खरीदे और मकान बनाकर रह रहे हैं। अब रेलवे इस जमीन को अपना बता रही है।
रेलवे की नाप में गड़बड़
लोगों का कहना है कि कई साल पहले रेलवे ने अपनी जमीन की नाप करने के बाद दीवार और सड़क बनाई थी। उस आराजी से अलग सभी के मकान बने हैं। लेकिन अब नापजोख कर रेलवे रहवासियों के घर अपनी जमीन पर होना बता रही है। नगर पालिक निगम ने इस कॉलोनी में पक्की सड़क बनाई है, पानी की सप्लाई होती है और विद्युत कंपनी ने विद्युत पोल भी लगाए हैं।
महाशिवरात्रि पर आए अफसर
शिकायत करने आए लोगों का आरोप है कि महाशिवरात्रि पर्व के दिन रेलवे कर्मचारी केके सिंह, जमील खानअपने सहयोगियों के साथ पहुंचे। कॉलोनी में नाप करते हुए खंभे लगाने लगे। पूछने पर बताते हैं कि यह रेलवे की जमीन है। जिस तरह रेलवे नाप कर रहा है, उसमें करीब 100 मकान प्रभावित हो रहे हैं और इन सभी मकान मालिकों के पास पक्की रजिस्ट्री है।
महिलाओं से किया अभद्र व्यवहार
आरोप है कि रेलवे के कर्मचारियों ने यहां विरोध करने वाली महिलाओं से अभद्र व्यवहार किया है। बताया जा रहा है कि अधिकांश लोग रेलवे से सेवानिवृत्त होने के बाद यहां मकान बनाकर रहते हैं। इनके परिवार को पेंशन रोकने की धमकी दी जा रही है। नौकरी से हटाने और चार्जशीट देने के लिए कहा जाता है।