नगर निगम शहरी क्षेत्र के मकानों की छतोें का पानी सरंक्षित करने रूफवाटर हार्वेस्टिंग पर कार्यशाला आयोजित की। इसमें सरकारी गैर सरकारी संस्थाओं के साथ वार्ड पार्षद जुटे सदस्य, अफसरों और विशेषज्ञों ने किया मंथन
शहर में हर साल 48 इंच बारिश का रिकार्ड
शहरी क्षेत्र के घरों की छतों का पानी हर साल अरबों लीटर जमीन में रिचार्ज कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में 53 हजार मकान रजिस्टर्ड हैं। प्रत्येक मकान से यदि एक हजार स्क्वायर फीट पानी को जमीन में रिचार्ज किया जाए तो हर साल 424 करोड़ लीटर पानी संरक्षित हो सकता है। इंजीनियर मनीष झीलें कहते हैं कि शहर में बारिश का आंकड़ा 48 इंच बारिश दर्ज है। निगम लक्षित मकानों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग के तहत प्रत्येक छत से यदि एक हजार स्क्वायर फीट पानी को संरक्षित करता है तो हर साल 80 हजार लीटर पानी जमीन में रिचार्ज होगा। इस अनुपात से 500 घरों की एक हजार स्क्वायर फीट के औसत से चार करोड़ लीटर पानी रिचार्ज कर सकते हैं।
एक स्कूल की छत से 80 करोड़ लीटर पानी होगा संरक्षित
कलेक्ट्रेट सभागार में जल संरक्षण पर कार्यशाला हुई। जल विशेषज्ञ डॉ. सुनील चतुर्वेदी ने वाटर हार्वेस्टिंग की तकनीक पर प्रकाश डालने से पहले कहा शहर में अकेले भंडारी पब्लिक स्कूल का एरिया इतना है कि हम हर साल 80 करोड़ लीटर बारिश का पानी संरक्षित कर सकते हैं। उन्होंने सभागार में बैठे लोगों को जल संकट वाले जिलों की पीपीटी दिखाकर प्रेरित किया। जल स्तर बढ़ाने की तकनीक बताई। विभिन्न पहलुओं, जैसे छत से जल संग्रहण, फिल्टरेशन और भंडारण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। साथ ही उन्होंने घरों, स्कूलों और सार्वजनिक भवनों में इस प्रणाली को लागू करने के तरीके बताते हुए इसके लिए प्रेरित किया।
जल संरक्षण के लिए हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि जल संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही हमें जल की बर्बादी भी रोकनी होगी। निगम आयुक्त प्रियंका सिंह राजावत ने प्रतिभागियों का परिचय कराया। और निगम की की योजना बताई। कार्यशाला में सरकारी गैर सरकारी संस्थाओं के लोगों ने स्वयं अपने-अपने घरों पर वाटर रिचार्ज सिस्टम को निर्माण कराने का संकल्प लिया और आस-पास के लोगों को प्रेरित करने के लिए कहा। कार्यशाला में पार्षदों के साथ ही स्कूल, कॉलेज, अस्पताल समेत अन्य संस्थाओं के सदस्य शामिल हुए। कार्यशाला में एडीएम अरविंद चौहान, डीइओ पीएस सोलंकी, ईई वर्षा, राधेश्याम उपाध्याय, संजय शुक्ला, राजेश गुप्ता, मनीष झीलें, समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
कई पार्षदों ने कहा, हार्वेस्टिंग का शुल्क बढ़ाया जाए
कार्यशाला में नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर समेत कई पार्षद भी शामिल हुए। इस दौरान पार्षद प्रतिनिधियों ने रैन वाटर हार्वेस्टिंग का शुल्क दो हजार से बढ़ाने का सुझाव दिया। निगम उसका पालन कराए। कुछ पार्षदों ने कहा कि हमारे शहर के कुंड को व्यवस्थित किया जाए तो लाखों लीटर पानी संरक्षित किया जा सकता है।