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राम मंदिर पर एक सुर में सब बोले- अब संत ही करेंगे मंदिर निर्माण

संतों का समागम... दो घंटे तक चली मन की बात, 13 अखाड़ों के डेढ़ हजार से ज्यादा संतों के जुटने का किया दावा।

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खंडवा

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Amit Jaiswal

Nov 05, 2018

ram mandir and sant samagam news in hindi

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खंडवा. मप्र की सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाने वाले कम्प्यूटर बाबा की अगुवाई में रविवार को शहर के रामनगर स्थित एक परिसर में संतों का समागम हुआ। यहां राम मंदिर पर सब एक सुर में बोले कि अब संत ही मंदिर निर्माण करेंगे।

राज्यमंत्री का दर्जा छोडऩे वाले कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि यहां सारे बाबा एकत्रित हुए हैं, नर्मदा के कोने-कोने से। संतों के मन की बात सामने आई। मुझे पद चाहिए होता तो मैं मंत्री था, ठोकर मारकर क्यों आता? संत समाज और धर्म की सेवा करना है। मप्र में अधर्म काम नहीं होने दूंगा, संत की कुटिया, मंदिर नहीं टूटने दूंगा, नर्मदा को बेचने नहीं दूंगा, गोमाता की दुर्दशा नहीं दूंगा। बाबा ने मां नर्मदा, गो माता व अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा। बोले- मैं साबुन भी भिक्षा से मांगकर लगाता हूं। मैं मंजन, कपड़े सब भिक्षा से। शिवराज का अंत भी भिक्षा मांगकर ही करूंगा। चोला जो पहना है ये महामंडलेश्वर, जगतगुरु, शंकराचार्य के लिए नहीं पहना, धर्म की रक्षा के लिए पहना है।

इन्होंने मंच से ये कहा...
- तब-तब संत आवाज उठाएंगे
सरकार तो 15 साल से है लेकिन धर्म, गोमाता का ध्यान नहीं दिया। नर्मदा की स्वच्छता की बात करते हैं पर इसमें गंदे नाले मिल रहे हैं। अब संतों का परम कर्तव्य है, क्योंकि हमने ये चोला इसी के लिए पहना है। बगैर कारण के कोई कार्य नहीं बनता। कम्प्यूटर बाबा ने सही मुद्दे उठाए हैं। राजनीति, धर्म से विमुख होगी, तब-तब संत आवाज उठाएंगे।
पुरूषोत्तमानंद महाराज

- हिंदू धर्म संतप्त, ठगा-सा महसूस कर रहे
आज हिंदू धर्म संतप्त है, ठगा-सा महसूस कर रहे हैं। हर संत के पास कम से कम १० हजार वोट तो होंगे, 2 घंटे में सत्ता को उखाड़ फेंकेंगे। संत का इस्तेमाल किया, कुर्सी हासिल की और छोड़ दिया। 3500 करोड़ का स्टेच्यू बनाया लेकिन दुष्कर्म पीडि़ता, बेरोजगार नजर नहीं आए। धर्म को अदालतों में नहीं जाने देंगे। रामलला को ठाठ से बैठाएंगे।
पूनम बोरा

- 15वां हम नर्मदा अखाड़ा बना लेंगे
जो समाज में अच्छा कार्य करना चाहते हैं, उन पर रेप के केस लाद देते हैं और दुराचारियों से पैसे ले लेते हैं। नर्मदा मां के आंचल में गंदगी फैल रही है, संतों का अपमान हो रहा है। राम मंदिर को लेकर चुनावी सरगर्मी शुरू कर दी है। 14वां किन्नरों ने बना लिया है, 15वां हम नर्मदा अखाड़ा बना लेंगे।
साध्वी प्रज्ञा

- अन्ना हजारे जुड़े इस अभियान से
कम्प्यूटर बाबा को निकालने की बात कहने वाले 13 अखाड़ों के अध्यक्ष को चुनौती देता हूं कि वो सबसे पहले योगी को हटाए क्योंकि वो भी संन्यासी है। उमा भारती, प्राची महाराज, बाबा रामदेव, साध्वी ऋतंभरा को नर्मदा, गंगा के मुद्दों पर बोलने में शर्म क्यों आ रही है। हमें कांग्रेस का दलाल बताते हैं, बाकी क्या भाजपा के हैं? अन्ना अभियान से जुड़ें।

वैराग्यानंद गिरी महाराज

- धर्म के लिए जिएंगे और मरेंगे
राम मंदिर का मुद्दा 5 साल में एक बार राजनीति के लिए उठाया जाता है। लेकिन संत समाज धर्म के लिए जिएगा और मरेगा। अखाड़े का चौकीदार या रक्षक कहे कि महामंडलेश्वर को निकाल दिया तो यहां तक उचित है? हम अपने माता-पिता, गुरु आश्रम से निकाल दिए गए हैं। देश की रक्षा के लिए अखाड़े से भी निकल जाएंगे।
नवीनानंद

रुपए बांटने के मामले में ये बोले
संतों को 200, 500 व 1000 रुपए के लिफाफे भी उनकी विदाई में देने का मामला सामने आया। जब इस बारे में पूछा गया तो कम्प्यूटर बाबा बोले- इस तरह की कोई बात नहीं है। हमारे यहां तिलक लगाकर भेंट देने का रिवाज है। इसे किसी अन्य पहलु से जोडक़र नहीं देखा जाना चाहिए।