25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मृतक, सेवानिवृत्त, सरपंच के रिश्तेदारों ने की मनरेगा में मजदूरी

-सिहाड़ा सरपंच, सचिव का कारनामा, कागजों पर कराया काम-पूर्व सांसद, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष की शिकायत पर दिए थे सीईओ ने जांच के आदेश-जांच रिपोर्ट आने पर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ होगा केस दर्ज

3 min read
Google source verification

खंडवा

image

Manish Arora

Mar 02, 2020

मृतक, सेवानिवृत्त, सरपंच के रिश्तेदारों ने की मनरेगा में मजदूरी

-सिहाड़ा सरपंच, सचिव का कारनामा, कागजों पर कराया काम-पूर्व सांसद, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष की शिकायत पर दिए थे सीईओ ने जांच के आदेश-जांच रिपोर्ट आने पर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ होगा केस दर्ज

खंडवा. पंचायती राज में भ्रष्टाचार के मामले लगातार उजागर होने के बाद भी सरपंच, सचिवों के भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लग पा रही है। खंडवा जनपद की सबसे बड़ी पंचायत सिहाड़ा में जनप्रतिनिधियों और शासकीय कर्मचारियों की मिलीभगत से लाखों का भ्रष्टाचार हुआ है। यहां मनरेगा, 14वें वित्त के कार्यों में सरपंच, सचिव ने कागजों पर मृतकों, शासकीय कर्मचारियों, सेवा निवृत्त कर्मचारियों और संपन्न लोगों से मजदूरी करा ली है। इस मामले में ग्रामीणों की शिकायत के बाद पूर्व सांसद व कांग्रेस पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने जिला पंचायत सीईओ से जांच की मांग की थी।
अक्टूबर 2019 में सिहाड़ा के सैकड़ों ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में घोर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार होने की शिकायत की थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि पंचायत सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, पंचायत का प्रायवेट कंम्प्यूटर ऑपरेटर, विधायक प्रतिनिधि, सरपंच के सगे भाई व अन्य रिश्तेदार गिरोह बनाकर काम कर रहे है। इन्होंने मनरेगा, पंच परमेश्वर, 14वें वित्त में करोड़ों का भ्रष्टाचार किया है। मनरेगा कार्यों में मनमाने तरीके से मस्टर रोल पर मजदूरी अंकित की गई। मनरेगा सामग्री के जो वाउचर बनाए गए, उसमें अधिकतर वेंडर ये खुद है या इनके रिश्तेदार है। पंच परमेश्वर 14वें वित्त के निर्माण कार्यों में भी फर्जी वेंडर बनाकर राशि आहरित की गई। ग्रामीणों ने इस संबंध में बिल वाउचर व फर्जी मजदूरों की सूची भी पेश की थी।
सात दिन में जांच के दिए थे निर्देश
इस मामले में ग्रामीणों की शिकायत के बाद पूर्व सांसद व पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने 13 जनवरी 2020 को कलेक्टर को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। कलेक्टर ने इस मामले को जिला पंचायत सीईओ के पास भेजा था। जिला पंचायत सीईओ रोशन कुमार सिंह ने एसीईओ एसपीएस यादव को जांच दल बनाकर जांच कराने के निर्देश दिए थे। एसीईओ ने 5 फरवरी को जांच दल गठित कर सात दिन में जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा था। जांच दल में ईई आरईएस, पीओ मनरेगा, लेखापाल जनपद कार्यालय की टीम ने जांच शुरू नहीं की थी। जिसके बाद गुरुवार को जिपं सीईओ ने समीक्षा बैठक में जांच दल अधिकारियों को फटकार लगाते हुए दो दिन में रिपोर्ट पेश करने को कहा था। सूत्रों के मुताबिक जांच में भ्रष्टाचार होना पाया गया है। इस मामले में संबंधितों पर एफआईआर भी दर्ज हो सकती है।
इन मृतकों से कराया काम
-शंकरलाल फत्तूलाल, 10 वर्ष पूर्व मृत, जॉबकार्ड नंबर 1008, वर्क कोड 312624
-रामचरण व पत्नी कमला, दोनो मृत, जॉबकार्ड नंबर 1207, वर्क कोड 312624
-श्यामलाल सुंदर, मृत, जॉबकार्ड नंबर 947, वर्क कोड 312624
-ताराचंद गोकुलदास, सेवानिवृत्त पंचायत सचिव मृत, जॉबकार्ड नं. 1185, वर्क कोड 312624
-लल्लू बालादीन, 10 वर्ष पूर्व मृृत, जॉबकार्ड नंबर 918, वर्क कोड 375383
-गणपत फत्तूसिंह, मृत, परिवार गुजरात में, जॉबकार्ड नंबर 931, वर्क कोड 375383
-तुलसीराम छीतू, पति, पत्नी दोनों मृत, जॉबकार्ड नंबर 982, वर्क कोड 375383
इन सेवानिवृत्त सेवकों से भी कराई मजदूरी
-जावेद खान, सेवानिवृत्त शिक्षक, जॉबकार्ड नं. 1252, वर्क कोड 312624
-कालूराम रतनलाल, पीएचई से सेवानिवृत्त, जॉब कार्ड नं. 1016, वर्क कोड 312552
-प्रेमकांत राजपाली, रेलवे से सेवानिवृत्त, जॉब कार्ड नं. 1132, वर्क कोड 312552
-पूनमचंद, वन विभाग से सेवानिवृत्त, जॉब कार्ड नं. 1141, वर्क कोड 375383
-श्रवण चंपालाल, सेवानिवृत्त पोस्टमैन, जॉब कार्ड नं. 946, वर्क कोड 375383
पंच परमेश्वर 14वें वित्त में फर्जी वेंडर
सरपंच, सचिव ने पंच परमेश्वर 14वें वित्त में अपने सगे रिश्तेदारों और करीबियों को को वेंडर बनाकर भी लाखों रुपए का हेरफेर किया है। इसमें राजपूत समाज भवन निर्माण कार्य (कोड 100582156) पंचायत भवन निर्माण लाखन बाबा चौक (कोड 1005250607), माली समाज मांगलिक भवन निर्माण कार्य (कोड 100587782), सामुदायिक भवन निर्माण (कोड 100547577), सहित अन्य कार्यों में अपने रिश्तेदारों को वेंडर बनाकर पेश किया है। जिसमें लाखों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
लोगों ने शिकायत की थी, जिस पर जिला स्तरीय जांच दल बनाया गया है। मैंने समीक्षा की तो जांच पूर्ण नहीं हुई थी। दो दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार का मामला सामने आने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
रोशन कुमार सिंह, जिला पंचायत सीईओ