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सखियों ने गाए मंगल गीत, दी सहेली को विदाई

-दीक्षार्थी प्रियंका का वरघोड़ा निकालकर किया बहुमान-पूरे गांव की आंखों में आंसू, चेहरों पर खुशियां-गांव की बेटी 14 फरवरी को लेंगी जैन साध्वी की दीक्षा

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खंडवा

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Manish Arora

Feb 12, 2020

सखियों ने गाए मंगल गीत, दी सहेली को विदाई

-दीक्षार्थी प्रियंका का वरघोड़ा निकालकर किया बहुमान-पूरे गांव की आंखों में आंसू, चेहरों पर खुशियां-गांव की बेटी 14 फरवरी को लेंगी जैन साध्वी की दीक्षा

खंडवा. पूरे गांव में मंगल गीत गूंजे, माता ने बेटी का सोलह शृंगार कर सुहाग के जोड़े से सजाया, बहनों, सखियों ने हाथों में मेहंदी रचाई, विदाई गीतों से सहेली को विदा किया। ये दृश्य देखकर हर आंख में आंसू जरूर थे, लेकिन चेहरों पर एक अलग ही खुशी थी। अवसर था जिले के आदिवासी ब्लॉक खालवा के पास ग्राम सांवलीखेड़ा की बेटी का सांसारिक मार्ग को छोड़कर भक्ति के मार्ग पर अग्रसर होने का। सांवलीखेड़ा निवासी अनिल भंडारी की बेटी प्रियंका भंडारी 14 फरवरी को जैन साध्वी की दीक्षा ग्रहण करेंगी। मंगलवार को ग्राम सांवलीखेड़ा से खालवा तक मुमुक्षु प्रियंका भंडारी का वरघोड़ा निकाला गया। पूरे गांव ने भक्ति के मार्ग पर अग्रसर बेटी को नम आंखों से विदाई दी।
मंगलवार को मुमुक्षु प्रियंका भंडारी का वरघोड़ा निकाला गया। सांवलीखेड़ा स्थित निवास से एक बग्घी में सवार होकर प्रियंका को अपने माता-पिता के साथ वरघोड़ा निकाला गया। दुल्हन के रूप में सजी मुमुक्षु प्रियंका से आशीर्वाद लेने वालों की होड़ सी लग गई। विदाई की इस बेला में सांवलीखेड़ा और खालवा के ग्रामीणों सहित आसपास के ग्रामों, हरसूद, छनेरा, आशापुर, खंडवा से समाजजन साक्षी बने। दोपहर में मंगलाचरण, गौतम प्रसाद का आयोजन हुआ। रात्रि में भक्ति संध्या में सखियों, बहनों ने मंगल गीत गाए और सहेली को विदाई दी। बुधवार को भंडारी परिवार जलगांव के लिए रवाना हो जाएगा।
अब माता-पिता की बेटी नहीं, गुरु बन जाएंगी
ग्राम सांवलीखेड़ा की प्रियंका भंडारी पिछले 10 साल से सयंम का जीवन बिता रही थीं। पिछले तीन साल से वे दीक्षार्थी के रूप में जैन धर्म की शिक्षा ग्रहण कर रही थी। जैन संत कान मुनि महाराज के सानिध्य पाकर उन्होंने साध्वी बनने का निर्णय लिया था। एम कॉम तक शिक्षित बेटी के इस निर्णय से व्यापारी पिता अनिल भंडारी और माता प्रेमलता भंडारी को एक पल के लिए धक्का जरूर लगा, लेकिन प्रभु की इच्छा मानकर वे इसके लिए राजी हो गए। अब प्रियंका 14 फरवरी को जलगांव में जैन संत कान मुनि महाराज से दीक्षा ग्रहण कर जैन साध्वी के रूप में जानी जाएगी। जिसके बाद प्रियंका के सारे सांसारिक रिश्ते पीछे छूट जाएंगे। वह माता पिता के लिए बेटी न होकर गुरु बन जाएंगी।

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