
Secretary is seeking bribe to get benefit of Sambal scheme
खंडवा. प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार ने विस चुनाव के पहले असंगठित श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबल योजना लागू की थी। इसका लाभ लेने के लिए 4.40 लाख संख्या में हितग्राहियों ने संबल के कार्ड बनवा लिए। इसमें पात्र के साथ अपात्र हितग्राही भी बड़ी संख्या में जुड़े, जो योजना के अंतर्गत आते नहीं थे। योजना में हितग्राहियों को सर्वे चल रहा है। इसमें गलत कार्ड बनवाने वाले हितग्राहियों के नाम सामने आए। जिले में ऐसे 1,33,396 हितग्राहियों के नाम अपात्र पाए जाने पर योजना से उनका नाम काट दिया। संबल (नया सवेरा) योजना के तहत कार्ड बनवाले वाले हितग्राहियों का सत्यापन जुलाई से चल रहा है। दो माह में 4,15,449 कार्डधारी व्यक्तियों का सत्यापन हो चुका। 2,82,053 हितग्राही पात्र मिले और 1,33,396 अपात्र मिले। योजना में हितग्राहियों का सत्यापन 30 सितंबर तक पूरा करना है। 2018 में भाजपा सरकार ने मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल नाम से योजना शुरू की। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। नई सरकार ने योजना का नाम बदल नया सवेरा कर दिया। इससे ही हितग्राहियों के कार्ड बनाए जा रहे हैं।
ऐसे व्यक्ति हैं अपात्र
जानकारी के मुताबिक, जो हितग्राही कृषि भूमि के मालिक हैं। जिनका पक्का मकान है, घर में चारपहिया वाहन है, आयकरदाता और कारोबारी आदि बिंदुओं की जांच कर अपात्र हितग्राहियों के नाम काटे जा रहे हैं।
योजना के लाभ
योजना के तहत अंत्येष्टि सहायता, सामान्य मृत्यु की दशा में अनुग्रह सहायता, दुर्घटना में मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता, स्थाई अपंगता की दशा में अनुग्रह सहायता, आंशिक स्थाई अपंगता की स्थिति में सहायता, उन्नत व्यवसाय के लिए उपकरण अनुदान, प्रसूति सहायता, नि:शुल्क चिकित्सा, शिक्षा प्रोत्साहन, सरल बिजली बिल, बकाया, बिजली माफ आदि लाभ शामिल है।
संबल योजना वाले हितग्राहियों सत्यापन दो माह से चल रहा है। 82.29 फीसदी सत्यापन हो चुका है। जिसमें 1 लाख 33,396 हितग्राही अपात्र मिले। जिनके योजना से नाम काटे गए हैं।
एएस अलावा, श्रम पदाधिकारी,
Published on:
29 Sept 2019 04:23 pm
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