
Gujarat School Education महंगी फीस वाले स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहा इस गांव का सरकारी स्कूल
खंडवा. स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बार फिर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने नया सेटअप लागू करने की कवायद शुरू कर दी है। यह व्यवस्था दस साल पहले वर्ष 2013 में शुरू हुई थी,लेकिन किसी कारण सो शिथिल पड़ी हुई थी। शैक्षणिक सत्र 2022-24 का रिजल्ट खराब होने के बाद एक बार फिर गुणवत्ता सुधारने का जिम्मा एरिया एजुकेशन ऑ्िफसर ( एईओ ) को सौंपने की तैयारी है। नवीन शिक्षण सत्र से राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग को अस्तित्व में लाने की तैयारी में है। इसके लिए विभागीय स्तर पर बैठक भी हो चुकी है। संकुल प्राचार्य, बीआरसी और जनशिक्षक व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। इस योजना के तहत स्कूलों की मैपिंग शुरू कर दी गई है।
वर्तमान में प्राचार्यों पर कई तरह के दायित्व
वर्तमान में प्राचार्यों पर शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं भरने, वेतन, छात्रों की डाटा एंट्री, योजनाओं का सत्यापन करने, निरीक्षण प्रतिवेदन, विभागीय रिपोर्ट भरने सहित कई जिम्मेदारियां होती हैं। इससे वे शिक्षकों और छात्रों पर शत-प्रतिशत फोकस नहीं कर पाते थे। इससे परीक्षा परिणाम भी प्रभावित हो रहा था। नई व्यवस्था में प्राचार्य दायित्वों से मुक्त होने से पूरा समय स्कूलों पर दे सकेंगे। ब्लॉक एजुकेशन ऑफीसर ( बीईओ ) और बीआरसी के पदों को समाहित कर सहायक संचालक को जिम्मेदारी दी जाएगी। एइओ के पास ही क्लस्तर स्तर के विद्यालयों का डीडीओ ( आहरण संवितरण अधिकारी ) का अधिकार होगा।
ऐसे समझें नियुक्तियां: एईओ की नियुक्ति का मामला 2013 से लंबित है। प्रदेश में 19 हजार से ज्यादा शिक्षक इस पद की विभागीय पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण हुए थे। प्रदेश भर में 3200 से ज्यादा एईओ की नियुक्तियां प्रस्तावित हैं, लेकिन शासन स्तर पर यह नियुक्तियां लटकी हुई हैं। बताया कि नियुक्तियां करीब-करीब फाइनल होने को हैं।
40-50 स्कूलों के बीच बनेगा एक क्लस्टर
सबकुछ योजना के तहत हुआ तो जल्द ही नया सेटअप शुरू होगा। शुक्रवार दोपहर डीइओ पीएस सोलंकी ने इस योजना की समीक्षा की। बैठक में स्कूल शिक्षा विभगा के साथ ही जनजातीय कार्य विभाग के स्कूल को भी शामिल किया गया। समीक्षा के दौरान बताया गया कि 40-50 स्कूलों का क्लस्टर बनेगा। जिन क्षेत्रों में स्कूल दूर-दूर हैं। ऐसे क्षेत्र में 30-40 स्कूलों का क्लस्टर बनेगा। इस कार्यालय का नाम एइओ ( एरिया एजुकेशन ऑफिस ) होगा। जनजातीय कार्य विभाग में पहली से बारहवीं तक 291 स्कूल हैं। खालवा क्षेत्र में आठ एरिया एजुकेशन ऑफिसर बनाए जाएंगे। इसी तरह स्कूल शिक्षा विभाग के करीब 1439 विद्यालयों के करीब चालीस एइओ क्लस्टर बनाएं जाएंगे। समीक्षा में बीइओ, बीआरसी शामिल रहे।
यह होगा फायदा
पहली से आठवीं कक्षा तक एक सहायक संचालक
नवमी से 12 वीं कक्षा तक एक सहायक संचालक
डीईओ का पद खत्म कर उप-संचालक बनेंगे
डीपीसी बनेंगे सहायक संचालक
Published on:
24 Jun 2023 01:14 pm
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