
school fees
खंडवा. जिलेभर के निजी स्कूल अब विद्यार्थियों को फीस के लिए किसी भी प्रकार से प्रताडि़त नहीं कर पाएंगे। क्योंकि स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश दिए है कि सभी स्कूल विद्यार्थियों को फीस के लिए किसी भी प्रकार से परेशान न करें। यदि स्कूल यह निर्देश नहीं मानते है तो उनपर कार्रवाई होगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली के पत्र का हवाला देते हुए बताया कि अशासकीय स्कूलों द्वारा अध्ययनरत विद्यार्थियों को समय पर फीस न जमा करने पर प्रताडि़त किया जाता है। इनसे विद्यार्थियों की आत्महत्या की घटनाएं होती है। इस मुद्दे पर बच्चों को किसी भी प्रकार से प्रताडि़त करना जुवेनाइल जस्टिस केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन एक्ट २०१५ के सेक्शन ७५ का उल्लंघन है। बच्चों की फीस समय पर प्राप्त न होने का मुद्दा स्कूल प्रबंधन व अभिभावकों से संबंधित है। यह एक वित्तीय विषय है। इसलिए इसका समाधान अभिभावक से ही चर्चा कर किया जाना चाहिए। यदि किसी निजी स्कूल द्वारा उक्त निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इधर, ओला प्रभावित किसानों के बच्चों से स्कूल नहीं लेंगे कोई शुल्क
-मप्र शासन स्कूल शिक्षा विभाग उपसचिव ने प्रदेशभर के लिए जारी किए आदेश
खंडवा. जिले सहित प्रदेशभर में पिछले समय हुई ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया था। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ था। ओलावृष्टि से फसल खराब होने से किसान खराब आर्थिक स्थिति से गुजर रहा है। वहीं शिक्षा का नया सत्र भी शुरू हो गया है। एेसे में प्रभावित किसानों पर और ज्यादा भार न पड़े इसके लिए शासन ने एेसे किसानों से फीस न लेने का आदेश जारी किया है। मप्र शासन स्कूल शिक्षा विभाग उप सचिव प्रमोदसिंह ने प्रदेशभर के लिए आदेश जारी किए है। आदेश में बताया गया है कि स्कूल की फीस भरने में असमर्थ ओला प्रभावित किसानों के बच्चों से शैक्षणिक सत्र २०१८-१९ में किसी प्रकार को कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह आदेश प्रदेश के
सभी शासकीय स्कूलों पर लागू होंगे।
Published on:
09 Apr 2018 02:59 pm
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