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सडिय़ापानी बीट के जंगल से सागौन के पेड़ काटकर भूसे की बोरियों के नीचे छिपा कर रहे थे तस्करी, सात गिरफ्तार

मूंदी, पुनासा वन विभाग के अमले ने की कार्रवाई, 1.13 लाख रुपए कीमती सागौन व पिकअप वाहन जब्त, सनावद टोल पर घेराबंदी कर सात को दबोचा

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Seven accused arrested for smuggling teak

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खंडवा. वन परीक्षेत्र सिंगाजी की सडिय़ापानी बीट के जंगल से सागौन की कटाई कर तस्करी करते हुए वन विभाग की टीमों ने सात आरोपियों को दबोचा है। आरोपी के कब्जे से 13 नग 1.945 घन मीटर सागौन की लकड़ी और पिकअप वाहन जब्त किया है। सोमवार को वनरक्षक संजय रघुवंशी को मुखबिर से सूचना मिली कि लोडिंग वाहन में छनेरा की ओर से सागौन की लकड़ी की तस्करी की जा रही है। खबर मिलते ही संजय ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद मूंदी रेंजर अरविंद चौहान ने टीम के साथ वाहन का पीछा किया। वहीं दूसरी टीम पुनासा रेंजर दिनेश ठाकुर ने सनावद टोल के पास पिकअप की घेराबंदी की। दोनों टीमों ने सनावद टोल के पास घेराबंदी कर पिकअप (एमपी 15 जी 2368) को पकड़ लिया। कार्रवाई देख वाहन में सवार आरोपियों ने भागने की कोशिश की। लेकिन वन अमले ने पीछा कर धरदबोचा।
भूसे की बोरियों के नीचे छिपाई थी लकड़ी
कार्रवाई में टीम ने पिकअप वाहन की तलाशी ली। वाहन में भूसे की बोरियां भरी थी। वन अमले ने जैसे ही भूसे की बोरियां हटाई तो सागौन की लकड़ी बरामद हुई। वाहन से 13 नग 1.945 घन मीटर 1.13 लाख रुपए कीमती सागौन की लकड़ी जब्त की। वहीं आरोपी अमित पिता मुस्ताक (23), रुस्ताम पिता शौकत (28), इकराम पिता कादर (22) तीनों निवासी खानशाहवली कॉलोनी, मंजूर पिता मंसूर (26), शरीफ पिता शब्बीर (28) दोनों निवासी टिटगांव, राजा पिता दराब (24) निवासी खरकली और भूरु पिता आजाद (30) निवासी टिटगांव को गिरफ्तार किया है। वन अधिकारियों के अनुसार आरोपी रुस्ताम, मंजूर और इकराम आदतन अपराधी है। पहले भी लकड़ी चोरी की वारदातों में शामिल रहे है।
बीट अफसरों को नहीं पता कब कट गई लकड़ी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया उक्त सागौन की लकड़ी वन परीक्षेत्र सिंगाजी की सडिय़ापानी बीट के कक्ष क्रमांक 472 व 473 के जंगल से काटकर ले जा रहे थे। मामले में खास बात यह है कि उक्त बीट के अधिकारियों को पता ही नहीं चला कि कब जंगल से लकड़ी कट गई। मूंदी और पुनासा की टीमों ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। तब बीट के जिम्मेदारों को मामले की भनक लगी। मामले में आरोपियों को पूछताछ के लिए उप वन मंडल कार्यालय पुनासा लाया गया। जहां कार्रवाई के बाद आरोपियों को वन परीक्षेत्र अधिकारी सिंगाजी के हवाले किया गया। कार्रवाई टीम में वनरक्षक सत्यम सक्सेना, संदीप तिरोले, देवेंद्र चौहान, अशोक शर्मा, सियाराम सिंह, अवधेश त्रिपाठी, बलवान सिंह सोलंकी, दीपेंद्र श्रीवास नंदाजी सुरक्षा श्रमिक आदि शामिल थे।