
पीडि़त परिजन।
खंडवा. ओंकारेश्वर के कोठी गांव से लगे साध्वी ऋतम्भरा के परम शक्ति पीठ आश्रम में रहकर पढ़ाई करने वाली चार बच्चियों की नहर में डूबने से मौत की जांच अटकी है। घटना के तीन महीने बाद भी पुलिस पीडि़त परिवार और जान गवां चुकी बच्चियों को न्याय नहीं दिला सकी। पुलिस का रवैया देख अब पीडि़त परिजन आक्रोशित हो रहे हैं और उन्होंने सीधे तौर पर धरना प्रदर्शन व आंदोलन की चेतावनी दी है। गुरुवार को पीडि़त परिजन खंडवा जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां कलेक्ट्रेट जाने पर उन्हें एसपी ऑफिस का रास्ता दिखा दिया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।
आप भी जानिए...यह है मामला
20 अप्रैल की सुबह करीब 6 बजे 11 बच्चियां आश्रम के पीछे नर्मदा नहर में नहाने के लिए वैशाली पिता नवल सिंह, प्रतिज्ञा पिता छमिया, दिव्यांशी पिता चेतन, अंजना पिता रमेश की नहर में डूबने से मौत हो गई थी। खंडवा एसपी के पास दुबारा फरियाद लेकर आए पीडि़त परिजन रमेश सिंह, नवल सिंह वर्डे, चेतन सिंह सोलंकी, छमिया कनासे समेत अन्य का कहना है कि पुलिस मामले को टाल रही है। अंजू सोलंकी निवासी इंद्रपुर ने कहा कि वह सभी न्याय पाने एसपी के पास पहले भी आए थे। तब तीन दिन में कार्रवाई की बात कही। दोबारा आए तो फिर तीन दिन कहा। तीसरी बार मांधाता थाना गए तो वहां भी तीन दिन बोला गया। इसलिए अब फिर से एसपी के पास आए तो यहां सक्षम अधिकारी नहीं मिल रहे। परिजनों ने कहा है कि वह धरना देंगे या आंदोलन करेंगे।
अधीक्षिका देती थी धमकी
परिजनों ने बताया कि आश्रम की हास्टल अधीक्षिका पूनम मैडम बच्चियों को धमकी देती थी। वहीं जबरन बच्चियों को नहर में जाकर नहाने को बोलती थी और घटना के पहले 19 अप्रैल की शाम को भी बच्चियों को कहा गया था कि सुबह 5 बजे जाकर नहर में नहाना है। परिजनों के आरोप और अब तक पुलिस के सामने आए तथ्यों से गलती आश्रम की समझ आ रही है। लेकिन पुलिस आश्रम के दोषियों पर कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।
परिजन ओर आश्रम वालों के कुछ बयान बाकी
&परिजन और आश्रम वालों के कुछ बयान बाकी हैं। विधिक राय भी लेना है। जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी। बयानों में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
राकेश कुमार पेंद्रो, एसडीओपी
Published on:
22 Jul 2022 12:17 am
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