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Tax : एआइ …हैलो…रामजी मैं निगम से बोल रहा हूं… आपका टैक्स बाकी है जल्द जमा करें

प्रदेश में खंडवा नगर निगम में पहली बार एआइ तकनीक का उपयोग, ट्रायल शुरू, पहले 2 हजार बकायदारों को करेंगे अलर्टहर माह टैक्स जमा करने का आग्रह..
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खंडवा

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Rajesh Patel

•

Updated: 4 Sep 2025, 11:50 AM IST

संपत्ति कर जमा नहीं करने वालों की आज से होगी कुर्की(photo-patrika)

संपत्ति कर जमा नहीं करने वालों की आज से होगी कुर्की(photo-patrika)

प्रदेश में खंडवा नगर निगम में पहली बार एआइ तकनीक का उपयोग, ट्रायल शुरू, पहले 2 हजार बकायदारों को करेंगे अलर्टहर माह टैक्स जमा करने का आग्रह..

ऑनलाइन जमा करना चाहते हैं तो एक नंबर दबाएं...

हैलो...रामजी, मैं नगर निगम से बोल रहा हूं, आपका जलकर और संपत्तिकर बकाया है, तो जल्द जमा कर दीजिए। ऑनलाइन जमा करना चाहते हैं तो एक नंबर दबाएं, निगम में जाकर जमा करना चाहते हैं दो नंबर दबाएं।

निगम एआई के माध्यम से टैक्स जमा करने करेगा अलर्ट

जी हां, आपके पास ऐसा फोन आए तो घबराए नहीं। नगर निगम अब बकायादारों से टैक्स वसूली के लिए एआई के माध्यम से अलर्ट कॉल करेगा। प्रदेश में खंडवा नगर निगम ऐसा है, जिसने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह नई कवायद शुरू की है। इसका ट्रॉयल भी 1 सितंबर से शुरू कर दिया है। पहले चरण में करीब दो हजार बकायादारों को राशि जमा करने के कॉल की जाएगी। इसके लिए एआई आधारित वॉइस कॉल का उपयोग किया जाएगा।

एआई टैक्स भुगतान की याद दिलाई जाएगा

निगम बकायादारों के एआई कॉल से फोन नंबर पर सूचना मिलेगी कि हैलो, मैं नगर निगम से बोल रहा हूं, कृपया अपना बकाया टैक्स जमा करें। इस तकनीक से बकायेदारों को समय पर भुगतान की याद दिलाई जाएगी। प्रोजेक्ट की सफलता मिलने पर इस रेगुलर करने निजी कंपनी को ठेके पर देने की भी योजना है। निगम को उम्मीद है कि इससे टैक्स जमा करने वालों को भी सहूलियत मिलेगी और निगम का खजाना भी भराएगा।

33.76 करोड़ से अधिक टैक्स बकाया

निगम आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। निगम का 33.76 करोड़ टैक्स बाकी है। इसमें संपत्तिकर 17.62 करोड़ और जलकर 16.14 करोड़ रुपए है। इस राशि को वसूलने में निगम का पसीना छूट रहा है। इसी के चलते बकायेदारों से वसूली करने निगम ने तकनीकी का सहारा लिया है।

आठ हजार मिली नई संपत्तियां

निगम द्वारा कराए गए जीआई सर्वे में आठ हजार नई संपत्तियों की पहचान हुई है। इन्हें भी जल्द टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। अभी तक यह संपत्तियां टैक्स के दायरे से बाहर हैं। बता दें कि निगम के पास 47 हजार रजिस्टर्ड संपत्तियां हैं। नई संपत्तियों के जुडऩे से 55 हजार हो जाएंगी। फाइनल सर्वे के बाद संया घट-बढ़ सकती है।

जनता को सहूलियत मिलेगी

एआई से टैक्स वसूली शुरू की है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दो हजार बकायेदारों प्रयोग करेंगे। सफलता मिली तो इस प्रोजेक्ट को आगे रेगुलर करने टेंडर करेंगे। जो लोग ऐप या मैन्युअल टैक्स जमा कर रहे हैं। एआई उन्हें सही समय पर टैक्स जमा करने अलर्ट करेगा। इससे जनता को सहूलियत मिलेगी।

प्रियंका सिंह राजावत, आयुक्त, नगर निगम

निगम की इस नई सुविधा से उन उपभोक्ता को भी फायदा पहुंचेगा जो समय पर जलकर व संपत्तिकर जमा करते हैं। वॉयस कॉल के जरिए उपभोक्ता को उनके बिल के बारे में जानकारी देकर राशि समय पर जमा करने का आग्रह भी किया जाएगा। समय पर उपभोक्ता को सूचना मिलेगी तो समय पर बिल भर सकेंगे। वहीं निगम को हर महीने राशि मिलेगी।