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वकीलों के विरोध का व्यापारी को मिला फायदा

जमानत खारिज पर कोर्ट के आदेश का इंतजार, नत्थू पंसारी के के संचालक पिता- पुत्र हैं आरोपी

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Forest staff raided, arrested, but not registered for business

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खंडवा. पंसारी दुकान से लिए गए नमूने की फॉरेंसिक रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब व्यापारी बंधु को वकीलों के विरोध का फायदा मिला है। यहां नत्थू पंसारी के यहां से लिए गए नमूने की फॉरेंसिक रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। रिपोर्ट आने के बाद को वन परिक्षेत्र अधिकारी खंडवा जेपी मिश्रा ने आरोपी नितिन अग्रवाल को अदालत में पेश कराया था। जहां से आदेश हुआ कि वन विभाग अपनी रिपोर्ट पेश करे। इसके साथ ही आरोपियों को 24 मार्च को पेश होने की तारीख तय की गई थी। लेकिन तीन दिन के लिए अधिवक्ता काम से विरत हैं, ऐसे में सुनवाई नहीं हो सकी। ऐसे में हाइकोर्ट से मिली जमानत पर स्पष्ट आदेश नहीं मिल पाया है। रेंजर मिश्रा ने बताया कि अधिवकताओं के काम पर लौटते ही उनकी रिपोर्ट जमा हो जाएगी। इसके साथ ही आरोपियों के लिए अगले आदेश भी हो सकेंगे। गौरतलब है कि 13 सितंबर 2022 को सर्च वारंट के आधार पर श्री पंसारी एवं नत्थू पंसारी के यहां वन विभाग की टीम ने छापा मारा था। यहां से जब्त नमूने की फॉरेंसिक रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आरोपी नितिन अग्रवाल और उनके पिता बालगोविंद अग्रवाल पर कार्रवाई के आदेश का इंतजार वन अमले को है।
शासकीय अधिवक्ता कर रहे काम
हाइकोर्ट के आदेश के विरोध में निजी प्रेक्टिस करने वाले अधिवक्ता तीन दिन के लिए काम से विरत हैं। जबकि शासकीय अधिवक्ता अपना काम कर रहे हैं। जब अदालत आदेश करती है तब शासकीय अधिवक्ता उक्त कार्य को करते हैं। उप संचालक अभियोजन, जिला लोक अभियोजन, सहायक जिला लोक अभियोजन, लोक अभियोजक और अपर लोक अभियोजक सरकारी काम करते हैं। अधिवक्ताओं के काम से विरत रहने पर पक्षकार नहीं आते, इससे सुनवाई प्रभावित होती है।