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बाल संप्रेक्षण गृह से दोबारा भाग गया अपचारी बालक

सुरक्षा इंतजामों की फिर खुली पोल, मामले को दबाए रहे अधिकारी, पूर्व में हो चुकी गई घटनाएं

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हथियार का भय दिखा 2 बाइक सवारों ने दिनदहाड़े फाइनेंस कर्मी से की लूट,हथियार का भय दिखा 2 बाइक सवारों ने दिनदहाड़े फाइनेंस कर्मी से की लूट,

खंडवा. बाल संप्रेक्षण गृह से एक अपचारी बालक दोबारा भाग गया। रात के अंधेरे में उसके भागने के बाद से यहां के अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं। पुलिस को इस लिहाज से खबर दी गई कि बालक की तलाश जल्द कर ली जाए। लेकिन भागा हुआ बालक चार दिन बाद भी नहीं मिल सका। नौ महीने में बाल संप्रेक्षण गृह से अपचारी बालकों के भागने की यह तीसरी घटना है। इसके बाद भी सुरक्षा इंतजाम यहां पुख्ता नहीं किए जा सके।
पता चला है कि कोतवाली थाना अंतर्गत रतागढ़ स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से 9 व 10 मई की रात करीब 1 बजे एक बालक सीढ़ी लगाकर भाग गया। यह घटनाक्रम यहां लगे सीसीटीवी में भी कैद हुआ है। बालक के भागने के बाद कोतवाली पुलिस ने सूचना मिलने पर मौका मुआयना किया और अपने तरीके से उसकी तलाश शुरू कर दी है।
दो महीने में दूसरी बार भागा
बाल संप्रेक्षण गृह से 20 फरवरी को एक साथ सात अपचारी बालक फरार हो गए थे। तब
बाल अपचारियों ने शौचालय का दरवाजा बंद कर दीवार में छेद कर दिया था। इसके बाद सीढ़ी लगाकर दूसरी ओर कूदकर भाग निकले थे। इन्हीं में एक बालक दोबारा भागा है। इस बार सीढ़ी लगाकर जाली हटाते हुए बालक भाग निकला। इसके पहले सितंबर माह में दो बाल अपचारी दीवार फांदकर फरार हो गए थे।
जबाव देने से बच रहे अफसर
बाल अपचारी के भागने के बारे में जानकारी लेने के लिए बाल संप्रेक्षण गृह के अधिकारी हरजिंदर सिंह अरोरा से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। उन्होंने अपना एक फोन नंबर डायवर्ट और दूसरा बंद कर रखा था। जबकि महिला एवं बाल विकास अधिकारी विष्णु प्रताप सिंह ने अवकाश पर होने का हवाला देते हुए कहा कि वह जानकारी जुटाकर बता पाएंगे।
जिला स्तरीय समिति ने लिया जायजा
बाल अपचारी के भागने की खबर मिलने के बाद 11 मई को किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा- 54 के तहत गठित जिला स्तरीय निरीक्षण समिति ने जिले में संचालित शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान संस्था में निवासरत बालकों की जानकारी ली गई। साथ ही सुरक्षा इंतजामों के लिए निर्देश दिए गए हैं।