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शरीर की भूख भोजन और आत्मा की भूख परमात्मा है: भावना

कलश यात्रा के पश्चात कथा प्रारंभ

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शरीर की भूख भोजन और आत्मा की भूख परमात्मा है: भावना

शरीर की भूख भोजन और आत्मा की भूख परमात्मा है: भावना

अमलपुरा (खंडवा). श्रीराम जन्मोत्सव पर आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा के प्रथम दिवस में कलश यात्रा के पश्चात कथा प्रारंभ हुई कथा में कथा वाचक भावना मार्कण्डेय ने कहा कि शरीर की भूख भोजन है, आत्मा की भूख परमात्मा है, शरीर की भूख भोजन से मिट जाती है, लेकिन आत्मा की भूख परमात्मा के भजन से भी नही मिटती निरंतर भजन सत्संग की राह देखती रहती है, और कहती है, रे शरीर तू मुझे परमात्मा के सत्संग कथा तक ले चल। कथा भवसागर से तारने वाली है। व्यक्ति अमर होना चाहता है लेकिन अमर होना किस काम का। जिसमें आयु तो बहुत है। परंतु परेशानियों से घिरा हुआ है। अमृत्व वही सही है। जिसके जीवन में सुख शांति हो और सुख शांति भगवान के सानिध्य से भक्ति से प्राप्त होती है। इसलिए भगवान का ध्यान मनन ङ्क्षचतन भगवान की आराधना भगवान की कथा में अपने मन को हर समय लगाते रहना चाहिए। तभी जीवन की सही सार्थकता है। दीदी ने कहा कि गोस्वामी जी ने श्री रामचरितमानस में कहा है कि बड़े भाग्य मानुष तन पावा सुर दुर्लभ सब ग्रंथन गावा, मनुष्य का शरीर संसार में वाला दुर्लभ है बड़े भाग्य से यह शरीर हमें प्राप्त होता है और उस शरीर को हमें व्यर्थ नहीं करना चाहि। यह शरीर हमें विषय भोग प्राप्त करने के लिए नहीं मिला है। यह शरीर हमें भगवान को प्राप्त करने के लिए मिला है।
महावीर जयंती महोत्सव पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
खंडवा. महावीर जयंती महोत्सव के अवसर पर पोरवाड़ दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट के सौजन्य से पहली बार प्रबुद्ध पोरवाड़ जैन महिला मंच के तत्वावधान में सकल जैन समाज की महिलाओं और बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जानकारी देते हुए मंच प्रमुख प्रतिभा डॉ शैलेन्द्र जैन ने बताया कि जयंती के उपलक्ष्य में आदिनाथ जयंती 26 मार्च से महावीर जयंती तक विभिन्न स्थानों पर भजन व सांस्कृतिक आयोजन किये जा रहे है। उसी कड़ी में पोरवाड़ दिगंबर जैन धर्मशाला में 12 अप्रेल सांय 7:30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जावेगा। कार्यक्रम में सभी समाजजनों से उपस्थित होने की पील की।