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प्रदेश सरकार लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आदिवासी बहुल क्षेत्र में वन अधिकार के निरस्त आवेदनों का दोबारा परीक्षण कराएगी। ‘ वन मित्र पोर्टल ’ पर आए आवेदनों में से निरस्त दावों का एक बार परीक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई है। वन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने पत्र जारी कर निरस्त आवेदनों के परीक्षण की गाइड लाइन जारी की है है। इसमें मुख्य सचिव ने कहा कि है कि गत दो फरवरी को एमपी वन मित्र पोर्टल पर निरस्त किए गए आवेदनों की समीक्षा की। आगामी 10 मई तक प्रक्रिया पूरी करने की डेडलाइन दी है।
खंडवा और बड़वानी में 7908 आवेदनों का परीक्षण होगा
प्रदेशभर में 96,282 निरस्त किए गए हैं। इसमें खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर और बड़वानी में 7908 आवेदनों का परीक्षण होगा। खंडवा में 262 से अधिक आवेदन शामिल हैं। जिले में पहले 1200 थे, वर्ष 2020 में विशेष अभियान के दौरान वितरण किए गए। शेष निरस्त आवेदनों का शत प्रतिशत परीक्षण कर पट्टे दिए जाएंगे। सबसे अधिक प्रक्रिया 12 फरवरी से शुरू होकर 10 मई को अंतिम होगी।
रिपोर्ट तैयार करने बताई बारीकियां
कलेक्ट्रेट में वनाधिकार के पट्टे के दस्तावेज की प्रक्रिया पूरी करने संयुक्त डिप्टी कलेक्टर ने वन समितियों समेत संबंधित अधिकारियों को दस्तावेज तैयार करने की बारीकियां बताई गई। इस दौरान जनजातीय कार्य विभाग समेत वन ग्राम समितियों समेत पंचायत स्तर के अधिकारी रहे।
ये है टाइम लाइन :
-ग्राम वन अधिकार समितियों के द्वारा 19 फरवरी तक परीक्षण ।-वन समितियां 20 से 29 फरवरी तक स्थल का नक्शा तैयार करेंगे।
-अनुसंशा के बाद एक से 19 मार्च तक ग्राम सभा में संकल्प पारित करेंगे।- बीस से 20 से 29 मार्च तक आपत्तियों की सुनवाई करेंगे।
-दस मई को जिला स्तर पर सुनवाई के बाद अंतिम पत्र जारी करेंगे।
फैक्ट फाइल
जिला_निरस्त
खंडवा 597खगरोन 261
बुरहापुर 1166बड़वानी 5585
कुल 7609
Published on:
16 Feb 2024 11:41 am
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