खंडवा.
कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से पहले कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर पहुंच गई है। राष्ट्रीय, प्रदेश स्तर के नेताओं के सामने भी मामूली बातों को लेकर कांग्रेसी विरोध जताने में लगे हुए है। शनिवार को एक बार फिर राष्ट्रीय नेता व मप्र प्रभारी जेपी अग्रवाल के सामने जमकर नारेबाजी हुई। यहां जिले के प्रभारी कैलाश कुंडल को हटाने की मांग करते हुए कांग्रेस के एक गुट ने हंगामा भी किया। बैठक के बाद मप्र प्रभारी ने असंतुष्ट नेताओं को दो टूक कहा कि ये ठीक नहीं हुआ।
पूर्व सांसद व मप्र प्रभारी जेपी अग्रवाल शनिवार को राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर समीक्षा करने और बैठक लेने गांधी भवन पहुंचे थे। यहां जिले के प्रभारी पूर्व विधायक कैलाश कुंडल जैसे ही संबोधित करने डायस पर पहुंचे कांग्रेस नेता लव जोशी, इकबाल कुरैशी सैय्यद असलम सहित अन्य ने कैलाश कुंडल हटाओ, कांग्रेस बचाओ के नारे लगाना शुरू कर दिए। इसके बाद यहां हंगामे की स्थिति बन गई। वरिष्ठ नेता इन्हें रोकते रहे, लेकिन नारेबाजी जारी रही। हंगामे के चलते कैलाश कुंडल बिना भाषण दिए ही एक कोने में जाकर बैठ गए। इसके बाद मप्र सहप्रभारी कुलदीप इंदौरा ने अपने भाषण के दौरान हंगामे को लेकर नाराजगी जताई तो इकबाल कुरैशी व अन्य ने दोबारा हंगामा किया। जिसके बाद वरिष्ठ नेता रियाज हुसैन ने जैसे तैसे समझाइश देकर चुप कराया।
दो टूक कहा, ये ठीक नहीं हुआ
बैठक के बाद कांग्रेस नेता सलीम पटेल, लव जोशी, शब्बीर बाबा, रियाज हुसैन, सैय्यद असलम सहित अन्य नेताओं ने मप्र प्रभारी जेपी अग्रवाल से चर्चा करने की बात कही। गांधी भवन के पीछे इन नेताओं ने जैसे ही अपनी बात रखना शुरू की, जेपी अग्रवाल ने दो टूक कहा कि ये ठीक नहीं हुआ। उन्होंने सलीम पटेल से कहा कि मेरी आपसे पहले ही बात हो चुकी थी, फिर इस मसले पर हंगामा करने की जरूरत नहीं थी। सलीम पटेल ने कहा कि हम अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, कांग्रेस को शायद हमारी जरूरत नहीं, लेकिन हमें कांग्रेस की जरूरत है। यहां जेपी अग्रवाल ने नेताओं की बात सुनने से इंकार कर दिया।
हंगामे के चलते नहीं हो पाई समीक्षा
मप्र प्रभारी नेता के आने से पूर्व ही कांग्रेस गुटों में बंटी नजर आई। राजनारायण सिंह अपने समर्थकों के साथ अलग खड़े नजर आए। अरुण यादव समर्थक अलग गुट बनाकर खड़े हुए थे। जेपी अग्रवाल के आने के बाद गुटबाजी और हंगामे के चलते सिर्फ कुछ ही नेता संबोधित कर पाए। जेपी अग्रवाल को यहां भारत जोड़ो यात्रा की तैयारियों और संगठन को लेकर वरिष्ठों से चर्चा और समीक्षा करनी थी। कांग्रेस की अंतर्कलह सामने आने पर बैठक सिर्फ भाषण तक सिमट कर रह गई। शाम को सभी नेता बुरहानपुर के लिए रवाना हो गए।