खंडवा.
पुलिस की आंख, कान और हाथ बनकर अब नगर रक्षक शहर की कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे। सामुदायिक पुलिसिंग के तहत बुधवार को डीआरपी लाइन में नगर रक्षक समिति के सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। आगामी पर्वों के दौरान इन नगर रक्षकों की सेवाएं भी पुलिस द्वारा ली जाएगी। जिसके लिए बलवा के दौरान बचाव की जानकारी भी इन युवाओं को दी गई। जोश से भरे इन युवाओं में पांच युवतियां भी शामिल रही। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सुरक्षा किट और परिचय पत्र भी प्रदान किए गए।
किसी भी शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जागरूक नागरिकों और युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए बुधवार सुबह 8 से 12 बजे तक सीएसपी डिविजन, डीएसपी मुख्यालय डिविजन के नगर रक्षकों का प्रशिक्षण हुआ। इस दौरान नए सदस्यों को भी जोड़ा गया। युवाओं को बलवा के दौरान पत्थर से बचने, बॉडीगार्ड पहनने, हेलमेट पहनने, लाठी चलाने के लिए प्रशिक्षित किया गया। साथ ही आश्रु गैस, हथियारों के बारे में परिचायक जानकारी भी प्रदान की गई। इस दौरान युवाओं को एएसपी सीमा अलावा, डीएसपी मुख्यालय अनिल सिंह चौहान, सीएसपी पूनमचंद्र यादव, आरआइ पुरषोत्तम विश्नोई, टीआइ बलरामसिंह राठौर, ब्रजभूषण हिरवे, सूबेदार धरम जामोद ने विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
सीपीआर, फस्र्ट एड का भी प्रशिक्षण
बलवा या अन्य कानून व्यवस्था के दौरान इनके सहयोग के साथ ही विशेष परिस्थितियों में चिकित्सकीय सुविधा देने के लिए भी इन्हें प्रशिक्षित किया गया। पुलिस अस्पताल के डॉ. पर्व तिवारी द्वारा युवाओं को हार्ट अटैक, सीने में दर्द के दौरान दिए जाने वाले सीपीआर (जीवन रक्षक प्रणाली) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही घटना-दुर्घटना में घायलों की मदद, फस्र्ट एड का उपयोग आदि के बारे में भी बताया गया। प्रशिक्षण के बाद नगर रक्षक समिति के युवाओं को एएसपी द्वारा परिचय पत्र, सुरक्षा किट, जैकेट प्रदान किए गए। प्रशिक्षण में 250 युवा शामिल हुए।