खंडवा.
ठुमक ठुमक चलत रामचंद्र जी, बाजत पैजनियां, ऐसी लागी लगन… मीरा हो गई मगन, बोलो राम, बोलो राम राम राम जैसे भजनों पर श्रोता भावविभोर हो गए। अवसर था नववर्ष प्रतिपदा गुड़ी पड़वा पर भजन गायक अनूप जलोटा की भजन संध्या का। भजन ही नहीं, अनूप जलोटा ने किशोर दा के गीत भी सुनाए। बुधवार रात पूर्व निमाड़ सामाजिक सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा पुरानी अनाज मंडी में भजन संध्या का आयोजन किया गया। रात 9 बजे से शुरू हुई भजन संध्या रात 12 बजे तक चली।
भजन संध्या में भजन गायक अनूप जलोटा सहित मुंबई से आए पं. प्रेम प्रकाश दुबे ने भी भजनों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, मांधाता विधायक नारायण पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष सेवादास पटेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर सांसद पाटिल ने उपस्थितजनों को नववर्ष प्रतिपदा की शुभकामनाएं दी। इसके बाद अनूप जलोटा ने माइक संभाला और अपने प्रसिद्ध भजनों की प्रस्तुति शुरू की। कार्यक्रम में समिति के भूपेंद्रसिंह चौहान, आशीष चटकेले, नारायण बाहेती, ओमप्रकाश अग्रवाल, महापौर अमृता अमर यादव, जिपं अध्यक्ष कंचन मुकेश तनवे सहित बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे।
किशोर दा के पुश्तैनी मकान को प्रदेश सरकार बनाए स्मारक
भजन संध्या के लिए अनूप जलोटा शाम को खंडवा पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने इंदौर रोड स्थित किशोर दा की समाधि पहुंचकर नमन किया। जलोटा ने कहा कि किशोर दा अपने आप में एक रत्न है। किशोर दा के चाहने वाले और संगीत प्रेमी चाहते हैं कि किशोर दा को भारत रत्न मिलना ही चाहिए। उन्होंने कहा मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं सरकार से मैं अनुरोध करता हूं कि जिस प्रकार किशोर दा के लिए आपने समाधि और स्मारक का निर्माण किया हैं, उसी के अनुरूप किशोर दा के पुश्तैनी मकान को किशोर राष्ट्रीय स्मारक बनाने में सहयोग प्रदान करें ताकि संगीत प्रेमियों के लिए यह स्मारक मंदिर का रूप ले सके।
गुनगुनाए किशोर दा के गीत
अनूप जलोटा ने कहा कि संगीत ही ईश्वर है, ईश्वर ही संगीत है। भजनों का दौर कभी समाप्त नहीं होगा। ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन भजन बच्चे, जवान भी गाते थे और बुढ़े भी गा रहे हैं। इसलिए कहता हूं कि भजन का दौर कभी खत्म नहीं होगा। फिल्मों के विरोध को लेकर जलोटा ने कहा कि इन फिल्मों के पीछे हजारों लोगों की मेहनत के साथ फिल्म बनाई जाती है। मेरा मानना है कि फिल्म का विरोध नहीं होना चाहिए।ें फिल्म देखें उसके बाद उसका आंकलन करें। इस दौरान उन्होंने किशोर दा के गीत, चलते चलते मेरे यह गीत याद रखना कभी अलविदा ना कहना.., कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना…, चिंगारी कोई भड़के… भी गाए।