खंडवा.
सनातन धर्म का झंडा हमेशा ऊंचा रहेगा। हम सब संगठित होंगे तो भारत देश हिंदू राष्ट्र बन जाएगा और सनातन धर्म की रक्षा होगी। हमें अपनी दिनचर्या में कुछ समय धर्म और संस्कृति को भी देना है, जिससे हमारा देश विश्व में सिरमौर हो और हिंदू राष्ट्र बन सके। यह बात हरसूद में चल रही दो दिवसीय हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने प्रवचन के दौरान कही। इसके पूर्व रविवार सुबह बागेश्वर धाम का दिव्य दरबार भी सजा।
हरसूद विधायक व प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा दो दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन नया हरसूद में कराया जा रहा है। दो दिवसीय कथा के अंतिम दिन दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु हरसूद पहुंचे। श्रीराम और हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अगर भारत में रहना है तो सीताराम कहना होगा। बजरंगबली का देश है। बाबर का नहीं, रघुवर का देश है। संतों को पाखंडी कहने वालों पर भी उन्होंने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा महीने दो महीने में एक बार धाम जाना शुरू कर दो। किराया उधार लेकर मत जाना। ये बात अन्य धर्मगुरु इसलिए नहीं कहते क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं उनकी दुकान न बंद हो जाए। जब तक तन में प्राण रहेंगे, हम हिंदू राष्ट्र बनवाने का पूर्ण प्रयत्न करते रहेंगे।
मंत्रीजी तुम्हें तो नहीं कटवाना पर्चा
रविवार सुबह कथा स्थल पर बागेश्वर धाम का दिव्य दरबार सजा। इस दौरान लोगों ने अपनी समस्याएं पं. शास्त्री को पर्चे पर लिखकर बताई, जिनका उपाय उन्होंने पर्ची पर लिखकर दिया। दिव्य दरबार में पं. शास्त्री ने मंत्री विजय शाह से पूछा तुम्हें तो नहीं कटवाना पर्चा। मंत्री शाह ने इस बात को हंसकर टाल दिया। फिर पं. शास्त्री ने कहा मंत्रीजी का मन साफ हैं, कोई लाग लपेट नहीं। गाड़ी में बैठे ये बता रहे थे कि पंडाल का खर्च ज्यादा आ रहा है तो हमने नेताजी बुला लिए, इससे खर्च निकल जाएगा।
आज बागेश्वर धाम रवाना होंगे पं. धीरेंद्र शास्त्री
प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि मंत्री विजय शाह द्वारा बागेश्वर धाम की कथा का दो दिवसीय आयोजन पूर्ण हुआ। लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा और दिव्य दरबार का पुण्य प्राप्त किया। दिव्य दरबार में अपनी समस्याओं का हल बागेश्वर धाम से जाना। दोनों दिन मंत्री विजय शाह, पूर्व महापौर भावना शाह, पुत्र दिव्यदित्य शाह व बहु ने व्यास पीठ के पूजन के साथ शास्त्री का स्वागत व अभिनंदन किया। सोमवार को पं. धीरेंद्र शास्त्री हरसूद से रवाना होंगे।