खंडवा.
शहर की जर्जर सड़कों सहित कांग्रेसी पार्षदों के वार्डों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने को लेकर मंगलवार को विपक्ष के स्वर मुखर हुए। दोपहर दो बजे बांबे बाजार में जर्जर सड़कों पर खटिया लगाकर कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया और गड्ढों में सांकेतिक रूप से पौधे भी लगाए। इस दौरान सांसद, विधायक और महापौर के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई। निगम परिषद के खिलाफ विपक्ष का यह 13 माह में 10वां विरोध प्रदर्शन रहा, जिसमें कोई नतीजा आंदोलन का नहीं निकला।
शहर में विकास कार्य नहीं होने, करोड़ों की लागत से बनी सड़कों के गारंटी पीरियड में उखडऩे, मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने के विरोध में मंगलवार को विपक्ष सड़कों पर उतरा। नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर के नेतृत्व में महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और कांगे्रस के पार्षदों सहित प्रतिनिधियों ने बांबे बाजार में खटिया प्रदर्शन किया। करीब आधे घंटे चले प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी जर्जर सड़क पर खटिया लगाकर बैठे और गड्ढों में पौधे रखे। नेता प्रतिपक्ष मल्लू राठौर ने बताया शहर की 7 करोड़ की सड़कों ने पहली बारिश में ही दम तोड़ दिया। अब नेता कहते हैं सड़क को फिर से सुधरवाएंगे। जनता के रुपयों का दुरूपयोग किया जा रहा है। निगम में भ्रष्टाचार इतना हो गया है कि अब भ्रष्टाचार को भी शर्म आने लगी है। जनता के एक-एक रुपए का हिसाब लिया जाएगा। सड़कों के पेचवर्क की जगह ठेकेदारों से नई सड़कें बनवाई जाए।
जिला कांग्रेस कमेटी आंदोलन से दूर
चुनावी माहौल में जन आंदोलन से वरिष्ठ कांग्रेसियों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही। यहां तक कि टिकट की दौड़ में शामिल दावेदार भी नजर नहीं आए। नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर का कहना था कि अचानक आंदोलन की रूपरेखा बनी थी, इसलिए सूचना नहीं दे पाए। वरिष्ठजन भी जनआक्रोश यात्रा की तैयारी में होने से नहीं आ पाए। आंदोलन में मनोज मंडलोई, शराफत खान, मयंक पटेल, मोइज खान, मुमताज बी, असलम गोरी, अरविंद कसेरा, शहजाद पवार, कादर खान, रचना तिवारी, कामिनी मंडलोई, हेमलता पालीवाल, लोकेंद्र गंगराड़े हुकुम मेलुंदे, शारिक खान, वामनराव जाधव, अर्जुन, मुन्नू बाउजी, ओमप्रकाश सिलावट, नासिर खान, अय्यूब लाला, अख्तर लाला, अश्विनी चौहान, कन्हैया वर्मा, शैलेंद्र वर्मा आदि कांग्रेसजन मौजूद थे।
अब तक हुए शहर मुद्दों के आंदोलन और परिणाम
-परिषद बनने के कुछ दिन बाद ही बांबे बाजार रोड को लेकर आंदोलन- नतीजा कुछ नहीं
-रामेश्वर रोड के गड्ढों को लेकर खटिया आंदोलन- नतीजा सिर्फ पेचवर्क, वह भी उखड़ा
-आवारा पशुओं और कुत्तों को लेकर निगम में बैंडबाजे से प्रदर्शन- नतीजा कुछ भी नहीं
-रामनगर रोड को लेकर नेता प्रतिपक्ष का विरोध प्रदर्शन- नतीजा कुछ भी नहीं
-जल संकट को लेकर निगम परिसर में मटका फोड़ आंदोलन- नतीजा कुछ भी नहीं
-तीन पुलिया रोड के गड्ढों को लेकर आंदोलन- आज भी स्थिति यथावत
-आनंद नगर रोड को लेकर विरोध प्रदर्शन- नतीजा कुछ भी नहीं
-ओवर ब्रिज के गड्ढों को लेकर चक्काजाम- नतीजा गड्ढे भरे, लेकिन स्थिति यथावत