
World Heritage Race in Kundi Bhandara in burhanpur
बुरहानपुर. वल्र्ड हेरिटेज में बुरहानपुर का नाम भी शामिल हो जाएगा। यूनेस्को की टीम ने यहां का चयन कर लिया है। बिदर कर्नाटक में यूनेस्को की ओर से आयोजित सेमिनार में १९ देशों से आए प्रतिनिधियों ने अपने देशों की धरोहरों का गुणगान किया। भारत से तीन शहरों में बुरहानपुर की कुंडी भंडार को वल्र्ड हेरिटेज में शामिल करने पर चयन हुआ। बुरहानपुर का नाम दुनियाभर में पर्यटन के मानचित्र में नजर आएगा। यूनेस्को इसे वल्र्ड हेरिटेज में शामिल करने जा रहा है। यूनेस्को का दल जल्द बुरहानपुर आएगा।
कुंडी भंडारे का निरीक्षण कर इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। पुरातत्वविदों का कहना है ९९ फीसदी चांस हमारे शहर के बन गए हैं, क्योंकि देशभर में बुरहानपुर के अलावा बिदर और बिजापुर का भी चयन हुआ है, लेकिन यहां की भूमिगत जल प्रणाली जीवित अवस्था में नहीं है, इसे चालू करने के लिए स्थानीय शासन-प्रशासन करोड़ों खर्च कर इसे बचा रहा है, लेकिन हमारा कुंडी भंडारा जीवित अवस्था में है, इसलिए सबसे ऊपर बुरहानपुर का नाम है। हवलदार ने बताया जल्द ही वल्र्ड हेरिटेज में बुरहानपुर शामिल होने पर दुनियाभर के पर्यटक कुंडी भंडारे पर आएंगे। जो कमियां दूर होगी। पर्यटक आने पर आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सकेगी।
ऐसा है भंडारे का इतिहास
नगरवासियों को शुद्ध जल की आपूर्ति करने के उद्देश्य से खानखाना के शासन काल में १६१५ ई में अब्दुल रहीम खानखाना ने जल संग्रह-वितरण प्रणाली का निर्माण आरंभ किया था। उस दौरान ८ जल संग्रहण-वितरण प्रणालियों को निर्मित किया गया। इस प्रणाली के अंतर्गत तात्कालीन भू-गर्भ विधा विशेषज्ञों ने सतपुड़ा पर्वतमालाओं से ताप्ती नदी की ओर प्रवाहमान भूमिगत जल स्त्रोतों को खोजकर जलाशय बनाया था। इनकी नहरें ८० से १०० फीट तक गहरी हैं। इनकी सफाई, हवा, प्रकाश व्यवस्था को ध्यान में रखकर जगह-जगह कुडियों का निर्माण किया गया। प्रणाली की विशेषता यह थी कि पानी स्वंय बहकर बिना किसी यांत्रिकीय सहयोग के पानी बहता है।
ऐसे शामिल हुआ बुरहानपुर
बिदर कर्नाटक में यूनेस्को की ओर से सेमिनार था, जहां १९ देशों के अलावा भारत के कई शहरों से लोग पहुंचे। बुरहानपुर से कलेक्टर दीपकसिंह ने कुंडी भंडारे के बारे में जानकारी देने के लिए पुरातत्वविद् होशंग हवलदार और सुधीर पारीख को भेजा। जहां हेरिटेज में शामिल होने के लिए ६०० साल पुराना शहर होना जरूरी है। इस पर हवलदार ने बताया कि बुरहानपुर शहर ३ हजार साल पुराना शहर है। ८०० साल पुरानी महलगुलआरा की जल संरचना है और ४०२ साल पुरानी कुंडी भंडारे की भूमिगत जल संरचना है, जो पूरी दुनियार में एक मात्र जीवित धरोहर है। आज भी ढाई लाख लीटर पानी लोग इसका पीते हैं। इस बात पर यूनेस्को टीम ने बुरहानपुर को वल्र्ड हेरिटेज (विश्व विरासत) में चयन करने के लिए शामिल किया।
चिंताहरण के जीर्णोद्धार पर भी देंगे जोर
पुरातत्वविद् होशंग हवलदार ने बताया कुंडी भंडारे के साथ चिंताहरण के बारे में भी रिपोर्ट रखी गई। इसका भी अब जीर्णोद्धार किया जाएगा। क्योंकि चिंताहरण भी जीवित अवस्था में था। १८८५ से सन २००० तक इसका पानी भी सप्लाय होता था। यह बात अब सांसद, मंत्री को बताई जाएगी। ताकि यूनेस्को का दल आने से पहले भंडारे का और संरक्षण किया जा सके।
कुछ वर्षों पूर्व यूनेस्को का दल बुरहानपुर आकर यहां की धरोहरों की पड़ताल की थी। लगातार बुरहानपुर को विश्व पर्यटन के नक्शे पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अर्चना चिटनीस, महिला एवं बाल विकास मंत्री
Published on:
01 Nov 2017 01:59 pm
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