
पुड़ी बनाते हलवाई, महिलाएं व भोजन के पैकेट बनाते समिति के युवा।
हरसूद/खंडवा. कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन की स्थिति में जहां एक ओर शहर की सड़कों पर सन्नाटा छाया हुआ है। घर के भीतर लोगों को पूरा समय बीत रहा है। वहीं शहर की संत बुखारदास बाबा मानव सेवा समिति के युवा लॉकडाउन में रोजाना अपने 10 घंटे मानव सेवा को दे रहे हैं। शहर में कोई भूखा नहीं रहे, इसके लिए रोजाना भोजन के पैकेट बनाकर अपने वाहनों से बाहर से आए व शहर में रह रहे मजदूर, गरीब और असहाय लोगों को घर-घर तक भोजन पहुंचा रहे हैं। यह सेवा कार्य लॉकडाउन के अगले दिन यानि 26 मार्च से सतत जारी है। सेवा कार्य जो अब इन युवाओं की दिनचर्या में आ गया है। रोजाना सुबह 7.30 बजे से वार्ड नंबर 13 पटेल चौक स्थित पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष कमलकांत भारद्वाज के घर के परिसर में बनी भोजनशाला ये युवा पहुंचकर अपने-अपने काम में जुट जाते है। कोई आटा गूथना शुरू करता तो कोई बैंगन, आलू, मिर्च काटने में लग जाता है। रोजाना 500 लोगों के लिए भोजन बनता है। सुबह 50 किलो आटे की पुड़ी और 30 किलो सब्जी व शाम में 45 किलो चावल, 5 किलो दाल की खिचड़ी बन रही है। भोजन शाला में करीब 5.30 घंटे तक एक हलवाई और दो महिला श्रमिक पुड़ी-सब्जी बनाते हैं। भोजन बनने के समय यह ये युवा पैकेट बनाने में व्यस्त हो जाते हैंं। समिति का उद्देश्य है कि शहर में कोई भी असहाय या गरीब व्यक्ति भूखा नहीं रहे।
दानदाताओं की मदद से हो रहा कार्य
कलमकांत भारद्वाज ने बताया छनेरा नया हरसूद संत बाबा बुखारदास बाबा नगरी है। यहां कोई भूखा न रहे। जिसके लिए उनकी कृपा से प्रसादी का यह कार्य जारी है। शहर के दानदाता इस कार्य में मदद पहुंचा रहे है।
शहर के इन स्थानों पर पहुंचा रहे भोजन
शहर सेक्टर नंबर 4, 8, 2, 5, 6, 7, इंदिरा कॉलोनी, वार्ड नंबर 10, बाजार चौक माता मंदिर क्षेत्र, बुखारदास बाबा मढ़ी के पीछे सहित अन्य स्थानों पर जरूरमंदों भोजन पहुंचाया जा रहा है।
फैक्ट फाइल
एक हलवाई व दो महिला बना रहे भोजन
रोजाना दो बार में 500 लोगों तक पहुंच रहा भोजन
संत बुखारदास बाबा मानव सेवा समिति 9 सदस्य
25 मार्च से जारी है भोजन बनाने, बांटे का कार्य।
सेवा कार्य में जुटे हैं समिति के यह सदस्य
संत बुखारदास बाबा मानव सेवा समिति के कमलकांत भारद्वाज के नेतृत्व में संतोष गौर, राकेश दीक्षित, संदीप सोलंकी, शाहरुख खान, मोहित जोशी, राकेश लोहार, रोहित माली, श्रीराम लौवंशी, हलवाई माखन कहार और दो महिलाएं भी शामिल हैं।
Updated on:
14 Apr 2020 12:20 am
Published on:
14 Apr 2020 12:20 am
