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जब भाजपा नेताओं के सामने आ गया टाइगर, थम गई सांसें

यह भी खतरा: रात्रि में जामगेट रास्ते का सफर जोखिम भरा, जंगल में शेर... इंदौर में हुई जन आशीर्वाद यात्रा की बैठक लौट रहे थे, जामगेट रास्ते पर दिखा

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खरगोन

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Manish Geete

Aug 25, 2023

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मध्यप्रदेश एक बार फिर टाइगर स्टेट बन गया है। प्रदेश के जंगलों में बाघों की संख्या देश में सबसे ज्यादा है। यही कारण है कि आए दिन टाइगर अब आबादी वाले इलाकों में नजर आने लगे हैं। मंडलेश्वर और महू के बीच जामगेट रास्ते पर अक्सर बाघ नजर आ रहे हैं, इस बार भाजपा नेताओं से इसका सामना हो गया। कार के आगे अचानक आए टाइगर को देखकर नेताओं के होश फाख्ता हो गए। वाहन के कांच चढ़ाकर बाघ के रास्ते से हटने का इंतजार किया। जैसे ही जंगल के राजा ने अपना रास्ता बदला तब कहीं जाकर नेताओं के गले से शब्द फूटे।

गौरतलब है कि विंध्याचल पर्वत शृंखला के रास्तों पर अक्सर बाघ व तेंदुए को देखा गया है। अन्य वन्य जीवों की चहल-कदमी है। रात्रि में अक्सर यह सक्रिय रहते हैं। मुख्य मार्ग तक आ जाते हैं। भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष व जन आशीर्वाद यात्रा के संयोजक परशराम चौहान ने बताया पार्टी नेता करही के अजीत छाजेड़, कसरावद के राजेश बड़ोले, भीकनगांव के सुधीर शर्मा हम सभी जन आशीर्वाद यात्रा की संभागीय बैठक में शामिल होने इंदौर गए थे। रात करीब 10 बजे जामगेट वाले रास्ते से लौटे। वाहन में सवार सभी नेता विधानसभा चुनाव व जन आशीर्वाद यात्रा की चर्चा में मशगुल थे।

इसी दौरान चालक की नजर अचानक सड़क से गुजर रहे बाघ पर पड़ी। सभी के होश उड़ गए। सभी की नजरें बाघ पर भी रही। चौहान ने बताया वाहन की रोशनी में बाघ दूर तक आगे-आगे चला। संकरी पुलिया होने से उसे जंगल में उतरने का रास्ता नहीं मिला। इस बीच दो बार वह कुछ देर के लिए ठिठका फिर पगडंडी के रास्ते झाडिय़ों में चला गया।

क्षेत्र में बढ़ी वन्य जीवों की मौजूदगी

नर्मदा से सटे इलाकों में तेंदुए सहित वन्य जीवों की मौजूदगी अक्सर रहती है। हाल ही में कसरावद क्षेत्र में भी तेंदुए को देखा गया। इसके पूर्व सनावद क्षेत्र में भी खेत पर काम करने वाले एक किसान पर तेंदुए ने हमला किया था। बड़वाह नावघाटखेड़ी में भी कुछ किसानों ने तेंदुए को देखा।

राजस्थान और महाराष्ट्र को जोड़ने वाला भुसावल चित्तौडगढ़ राजमार्ग जिले से गुजरता है। यह मंडलेश्वर होकर इंदौर की दूरी कम करता है। कम ट्रैफिक होने से राह आसान है। पर्वतीय जामघाट क्षेत्र में मार्ग किनारे जगह पत्थरों के ढेर होने से यहां का सफर जोखिम भरा हो गया है। बारिश में पथरीली मिट्टी व पत्थर रोड के आसपास बिखर रहे हैं। दुर्घटनाओं का अंदेशा है। कुछ जगह रैलिंग नहीं है या टूटी है। क्षेत्र में हल्के वाहनों से टोल टैक्स की वसूली तो की जा रही है लेकिन राजमार्ग का रखरखाव नहीं हो रहा। रात्रि सफर में खतरा ज्यादा रहता है।