
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में जब एक बस नदी में गिर गई थी, उसी के कुछ घंटे बाद एक अन्य बस में लापरवाही सामने आई थी। जब पत्रिका ने बसों का जायजा लिया तो ड्राइवर-कंडक्टर का व्यवहार चौंकाने वाला था। ड्राइवर-कंडेक्टर और अन्य साथी चलती मिलकर चलती बस में खाना खा रहे थे। बस (एमपी 10 पी 1371) के बोनट पर खाना सजा हुआ था। यह पूरी लापरवाही पत्रिका के रिपोर्ट ने कैमरे में कैद कर ली। इसके बाद कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने तत्काल संज्ञान ले लिया और बस को जब्त करते हुए बस मालिक को नोटिस थमा दिया। अब कार्रवाई हो रही है।
इस बस में नजारा उसी दिन का है जब डोंगरगांव के बोराड नदी में बस गिरी थी। खंडवा से खरगोन आ रही बस के मालिक अनोखचन्द पाटीदार को नोटिस जारी किया है। कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने पत्रिका में प्रकाशित समाचार पत्र और वीडियो के आधार पर यह कार्रवाई की। उन्होंने परिवहन अधिकारी को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने बस मालिक अनोखचंद पाटीदार को नोटिस जारी किया है। परिवहन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार बस को क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने पर मेनगांव पुलिस ने जब्त किया है।
उपचार के नाम राशि मांगने की जांच करेंगे सीएमएचओ
मंगलवार को डोंगरगांव बस दुर्घटना के यात्रियों के उपचार और एम्बुलेंस के लिए राशि लेने का मामला भी पत्रिका ने प्रकाशित किया था। कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने इस मामले में सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान को जांच सौंपी है। कलेक्टर ने कहा घायलों को उपचार के लिए इंदौर या खरगोन अस्पताल ले जाया गया होगा। निजी अस्पताल में प्रशासनिक निर्देश नहीं होने से यह स्थिति बनी होगी। अगर ऐसा हुआ है तो ली गई राशि वापस करवाई जाएगी। प्रशासन द्वारा मृतकों और गंभीर घायलों सहित सामान्य घायलों को सहायता राशि दी गई है।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने किया दौरा
बोराडा नदी पर हुए बस हादसे के कारणों की जांच अलग-अलग टीमों द्वारा की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को भोपाल से ट्रांसपोर्ट कमिश्नर एसके झा और विभागीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और बारीकी से अध्ययन किया। दुर्घटना कैसे और किन परिस्थिति में हुई। बस में किसी तरह की तकनीकी समस्या रही या नहीं। जांच कर तथ्य जुटाए। ग्रामीणों से भी चर्चा की। आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान यातायात विभाग का अमला भी मौजूद रहा।
छह घायलों की हुई छुट्टी
बस हादसे में शहर सहित इंदौर में उपचाररत छह घायलों को स्वास्थ्य होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान के अनुसार जिला अस्पताल से एक, विराज अस्पताल से तीन और इंदौर में भर्ती दो मरीज गुरुवार को डिस्चार्ज हुए हैं।
Updated on:
12 May 2023 05:50 pm
Published on:
12 May 2023 05:45 pm
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