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किसका सिस्टम सबसे तेज इसकी हुई थी स्पर्धा, हुआ विवाद, बाद में खूनी संघर्ष में बदला

-शहर के रामेश्वर टॉकिज क्षेत्र में हुई जमकर मारपीट, लहूलुहान हाथ में जिला अस्पताल पहुंचे किसका सिस्टम सबसे तेज इसका हुई थी स्पर्धा, हुआ विवाद, बाद में खूनी संघर्ष में बदला

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खरगोन

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Gopal Joshi

Sep 19, 2019

Controversy over sound system

खरगोन. मारपीट के दौरान घायलों का इलाज जिला अस्पताल में किया गया।

खरगोन.
कोतवाली क्षेत्र के रामेश्वर टॉकिज क्षेत्र में बुधवार दोपहर आपसी रंजिश के चलते दो डीजे संचालकों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामला मारपीट में तब्दील हो गया। मारपीट में लोहे की रॉड, डंडों का जमकर इस्तेमाल किया गया। इसमें 5 लोग घायल हो गए। प्राणघातक हमले में दो की हालत गंभीर है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर किया रैफर किया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। दरअसल भीकनगांव में कुछ दिनों पहले दोनों संचालकों ने आयोजनों में अपने साउंड सिस्टम लगाए। यहां किसका साउंड सिस्टम सबसे तेज इस तरह की प्रति स्पर्धा हुई। इसी की आरोपी पक्ष ने गांठ बांधी। इसी रंजिश के चलते बुधवार को रामेश्वर टॉकिज क्षेत्र में दो डीजे संचालकों के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंचा और खूनी संघर्ष में बदल गया।
एएसपी शशिकांत कनकने ने बताया रामेश्वर टॉकिज क्षेत्र में दो डीजे संचालकों की दुकानें पास-पास संचालित होती है। मोहर्रम के दौरान इनके बीच विवाद हुआ था। इसे उस समय समझाइश के बाद सुलझा दिया, लेकिन उस विवाद को लेकर बुधवार दोपहर करीब 12.30 बजे फिर दोनों पक्ष आमाने-सामने आए। मारपीट में लोहे के पाइप, डंडों आदि का इस्तेमाल किया। इसमें एक पक्ष के मोहसिन अनवर शेख (25) और असलम सौराब को गंभीर चोटें आने पर जिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया। जबकि हनीफ अजीज और अनवर अजीज का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। वहीं दूसरे पक्ष के मुजाहिद अलताफ को भी चोटें आने पर अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया। पुलिस ने मारपीट के मामले में विभिन्न धाराओं में छह लोगों पर प्रकरण दर्ज कर हमलावरों की तलाश की जा रही है।

डीजे पर प्रतिबंध, फिर भी उपयोग
उल्लेखनीय है कि डीजे पर प्रतिबंध के बावजूद इसका उपयोग आए दिन होता है। कई बार शांति समिति की बैठकों व अन्य आयोजनों में अफसर इसे लेकर जागरूकता की बातें भी करते हैं, लेकिन इन पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। इसका खामियाजा अब लोगों को इस तरह भुगतना पड़ रहा है।