
खरगोन की एक बेटी कीर्ति ने ‘एकलव्य’ सम्मान प्राप्त किया
परिवार की ऐसी सक्सेस स्टोरी बहुत दुर्लभ है। निमाड़ के खरगोन की एक बेटी कीर्ति ने ‘एकलव्य’ सम्मान प्राप्त किया, 44 गोल्ड मेडल जीते तो दूसरी बेटी भारती नेशनल चैंपियन बन गई। कीर्ति 9 देशों में वाटर स्पोर्ट्स खेल चुकीं हैं और उन्होंने नर्मदा में डूबते कई लोगों को बचाया है। खास बात यह है कि मां ने जेवर गिरवी रखकर और पिता ने घर बेचकर बेटियों को वाटर स्पोर्ट्स में आगे बढ़ाया।
चीन में 2018 में ड्रैगन एशियन चैम्पियनशिप में सिल्वर और ब्रांज मेडल सहित नेशनल लेवल पर 44 गोल्ड, 15 सिल्वर व 10 ब्रांज मेडल जीत चुकी - मां पिता के त्याग का नतीजा यह रहा कि बड़ी बेटी कीर्ति ने देश का प्रतिष्ठित एकलव्य खेल सम्मान प्राप्त किया। कीर्ति 9 देशों में वाटर स्पोर्ट्स की अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में हिस्सा ले चुकी हैं। वे चीन में 2018 में ड्रैगन एशियन चैम्पियनशिप में सिल्वर और ब्रांज मेडल सहित नेशनल लेवल पर 44 गोल्ड, 15 सिल्वर व 10 ब्रांज मेडल जीत चुकी हैं।
केनो पोलो चेंपियनशिप रतलाम में स्टेट लेवल में सिल्वर मेडल जीता है- इधर कीर्ति की छोटी बहन भारती भी कम नहीं हैं। उन्होंने नेशनल केनो सलालम में सिल्वर मेडल जीता था। केनो पोलो चेंपियनशिप रतलाम में स्टेट लेवल में सिल्वर मेडल जीता है।
शुरुआत में बेहतर कोच नहीं मिलने के कारण कीर्ति ने संघर्ष किया- कीर्ति के पिता कैलाश केवट मजदूरी करते हैं। मां चंदा गृहिणी है। शुरुआत में बेहतर कोच नहीं मिलने के कारण कीर्ति ने संघर्ष किया। कीर्ति नर्मदा में डूबते लोगों की भी जान बचा चुकी हैं। कोच विक्रम यादव और समाजसेवी हेमंत जैन कहते हैं, कीर्ति ने जिले की अन्य बेटियों को भी प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ाया है।
Published on:
02 Sept 2023 02:25 pm
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