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कल से फिर पटरी पर दौड़ेगी महू में हेरिटेज ट्रेन

शुक्रवार दोपहर में सारी सीटें हुई फुल, पर्यटकों के लिहाज से तैयार हुए सभी स्टेशन

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खरगोन

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Amit Onker

Jul 09, 2022

Heritage train

हेरिटेज ट्रेन

सनावद. तीन माह बाद शुरू हो रही हेरिटेज ट्रेन को लेकर पर्यटकों में अलग ही क्रेज है। रविवार से शुरू हो रही ट्रेन के लिए गुरुवार रात 10 बजे बुकिंग शुरू हो गई और शुक्रवार दोपहर तक पूरी ट्रेन रविवार के लिए फुल हो गई। दो दिन पहले हेरिटेज ट्रेन की पॉवरकार मेंटनेंस होकर वापस महू स्टेशन आ चुकी है। इसके साथ ही पातालपानी, टंट्या भील, व्यू पाइंट, कालाकुंड स्टेशन को बेहतर कर दिया गया है।
कुल मिलाकर पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य से रूबरू कराने के लिए हेरिटेज ट्रैक और ट्रेन दोनों की तैयार है। ट्रेन रविवार सुबह 11. 05 बजे महू से कालाकुंड के लिए रवाना होगी। प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटक स्थल पातालपानी, टंट्या भील, प्राचीन हनुमान मंदिर, पिकनिक स्पॉट कालाकुंड के बीच चलने वाली इस ट्रेन को गर्मी आते ही 27 मार्च को बंद कर दिया गया था। लेकिन अब बारिश का सीजन आते ही ट्रेन का दोबारा संचालन शुरू किया जा रहा है। डीआरएम विनीत गुप्ता ने बताया कि हेरिटेज के रैक में दो विस्टाडोम और तीन सेकंड क्लास के कोच रहेंगे। किराया, टाइमटेबल, स्टापेज सभी पहले की तरह ही रहेंगे। विस्टाडोम के एक कोच में 60 सीटें हंै। दो कोच में 120 सीटेर रहेगी। जिसका एक ओर का किराया 265 रुपए रहेगा। इसी तरह नॉन एसी चयर कार के तीन कोच रहेंगे। जिनका जिनमें दो कोच में 64-64 सीटे और एक कोच में 24 सीटें है। इसका किराया 20 रुपए प्रति सवारी होगा।


2018 में शुरू हुआ था संचालन:

प्रदेश की इस पहली हेरिटेज ट्रेन का संचालन 25 दिसंबर 2018 को शुरू हुआ था। कुछ माह में ही इस ट्रेन ने प्रदेश सहित देशभर में अपनी पहचान बना ली थी। कोरोना काल के चलते अपै्रल 2020 में इस ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया था। 4 अगस्त 2021 को ट्रेन में कई बदलाव कर दोबारा संचालन शुरू किया था। गर्मी का मौसम आते ही मार्च में इसे बंद कर दिया गया था। अब दोबारा ट्रेन का संचालन शुरू किया जा रहा है।


पारदर्शी कोच है आकर्षण का केंद्र
गत वर्ष ही रेलवे ने हेरिटेज ट्रेन में पर्यटकों के सफर को बेहतर और आरामदायक बनाने के लिए एसी विस्टाडोम लगाएं है। इन कोच में बड़े साईज के विंडो ग्लास, ट्रेलिंग विंडो, स्नैक्स टेबल और साइड पेंट्री है। पर्यटकों की सुविधा के लिए कोच में स्वच्छ टायलेट का निर्माण भी किया गया है। कोच की बाहरी भाग को आकर्षक पीवीसी शीट से डेकोरेट किया गया है। अधिक किराया होने से रेलवे को राजस्व भी बेहतर मिल रहा है।