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जोरदार आंधी ने मचाई तबाही, सैंकड़ों मकान टूटे, भीषण गर्मी में पेड़ों के नीचे रह रहे लोग

मकान टूटे, पेड़ गिरे, सैंकड़ों बिजली के खंभे भी गिरे, पांच दिन बाद भी नहीं मिली आर्थिक मदद

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पांच दिन बाद भी नहीं मिली आर्थिक मदद

खरगोन. एमपी के खरगोन में आंधी-तूफान ने खूब तबाही मचाई। यहां के आधा दर्जन गांवों में तो सैंकड़ों मकान टूट गए, कई लोगों के घरों पर लगे टीनशेड उड़ गए। भीषण गर्मी में लोग पेड़ों के नीचे रहने को मजबूर हैं। पांच दिन बाद भी पीड़ित परिवारों को प्रशासन से आर्थिक सहायता नहीं मिली है। अब विधायक रवि जोशी इसके लिए आगे आए हैं।

आंधी ने टेमला, नंदगांव बगूद, रजूर, रामपुरा सहित छह गांवों में भारी तबाही मची थी। यहां करीब दो सौ मकानों को आंशिक या पूर्ण क्षति हुई है। 100 बिजली के पोल भी जमींदोज हो गए। मकान टूटने से गरीब लोग भीषण गर्मी में पेड़ों के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। आंधी-तूफान में बिजली के तार भी टूट गए, जो अभी तक ठीक नहीं हुए।

विधायक रवि जोशी ने इस संबंध में कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा से मुलाकात की। विधायक ने बताया कि कई मकान टूटे, पेड़ गिरे, सैंकड़ों बिजली के खंभे भी गिरे लेकिन परिवारों को आर्थिक मदद नहीं मिली है। कलेक्टर ने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।

इधर विधायक रवि जोशी ने कहा कि जिले में चल रहीं जल जीवन मिशन, तालाब निर्माण, सीवरेज, जल आवर्धन, खरगोन उद्वहन जैसी योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं। जिलाध्यक्ष रवि नाइक, ब्लॉक अध्यक्ष पूर्णा ठाकुर की मौजूदगी में विधायक ने कहा जिले में तैयार हो रही माइक्रो परियोजनाएं अधूरी पड़ी है। वहीं किसान परेशान है। कई गांवों में पीने को पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग की है कि नहरें शुरू हो जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके।