
खरगोन। मानसून की विदाई इतनी तकलीफ देकर जाएगा इसका इंतजाना किसी को नहीं था। गुरुवार-शुक्रवार की रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने फसलों के साथ किसानों की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। रात करीब 11.30 बजे से शुरू हुई बारिश तड़के 6 बजे तक होती रही।
शुक्रवार सुबह किसान खेतों में पहुंचे तो अपनी ही किस्मत पर रोते नजर आए। कपास से सफेद हुए खेत पानी से भरे रहे। सूखने के लिए बाहर रखी मिर्ची को समेटने तक का समय नहीं दिया। मिर्ची बह गई। जिले की सभी तहसीलों में बारिश हुई है। सबसे ज्यादा 52 मिमी यानी दो इंच बारिश बड़वाह में हुई। चौबीस घंटे में 10 तहसीलों में कुल 259 मिमी यानी करीब 10 इंच से ज्यादा बारिश हुई है।
मिर्च
ग्राम बामखल के किसान राजू यादव ने बताया यहां लाल मिर्ची की तुड़ाई के बाद उसमें नमी थी। सूखने के लिए बाहर रखी थी। आधी रात में इतनी तेज बारिश हुई कि उसे समेट नहीं पाए। मिर्ची पूरी तरह गिली हो गई।
कपास
निमगुल के किसान विजय यादव ने बताया गर्मी का कपास लगाया है। गुरुवार को मजदूर नहीं मिले। शुक्रवार को आने वाले थे। लेकिन रात में बारिश हो गई। खेत में करीब 10 क्विंटल कपास था, बारिश में भीग गया।
कूलर में कपास
रायपुरा के अजय पटेल ने बताया बारिश के चलते कपास में नमीं आ रही है। मौसम भी सर्दी-गर्मी वाला हो रहा है। खुद गर्मी में सो रहे हैं लेकिन कपास की नमीं दूर करने के लिए उसके पास कुलर लगाया है।
MP के सफेद सोने पर आया संकट, टेंशन में किसान से लेकर व्यापारी
इधर, बड़वानी का सफेद सोना भी इस बार संकट में आ गया है। सफेद सोने (white gold cotton) पर बेमौसम हुई बारिश से किसानों को चिंता में डाल दिया है। कई किसानों को नुकसान भी हो गया है, क्योंकि उनकी खड़ी फसल तेज बारिश में भीग गई है। इस वर्ष जिले में अब तक औसत के मुकाबले अधिक बारिश हो चुकी है। बेहतर बारिश से इस बार खरीफ सीजन की मुख्य कपास, मक्का, सोयाबीन आदि फसलों की स्थिति भी बेहतर हैं। वर्तमान में कपास फसल पककर कटाई-चुनाई का दौर चल रहा हैं। कई जगह खेतों में फसल के झेंडे फूटकर कपास बाहर आने लगा हैं।
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Updated on:
08 Oct 2022 06:29 pm
Published on:
08 Oct 2022 06:23 pm
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