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फीस बकाया तो LKG छात्रा को परीक्षा देने से रोका, प्रिंसिपल ने अभिभावकों से की बदसलूकी

stopped from giving exam: मध्य प्रदेश के खरगोन में फीस बकाया होने पर एलकेजी की छात्रा को परीक्षा देने से रोक दिया गया। अभिभावकों ने शिकायत की, तो प्रिंसिपल ने उनसे अभद्रता की।

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खरगोन

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Akash Dewani

Mar 28, 2025

LKG student stopped from giving exam in Education Park School due to pending fees in khargone

stopped from giving exam: शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को ज्ञान देना और उनके भविष्य को संवारना होता है, लेकिन जब स्कूल ही शिक्षा के मूल सिद्धांतों से भटक जाए, तो यह एक गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला खरगोन नगर से तीन किलोमीटर दूर ग्राम कोदला जागीर स्थित एजुकेशन पार्क स्कूल में सामने आया, जहां फीस बकाया होने के कारण एक मासूम बच्ची को परीक्षा देने से रोक दिया गया।

ग्राम बमनाला निवासी एलकेजी की छात्रा बुधवार को अपनी परीक्षा देने स्कूल पहुंची थी। लेकिन स्कूल के प्रिंसिपल सुधीर मेहतोडिया ने उसे परीक्षा में बैठने से रोक दिया। बच्ची को गणित की मौखिक परीक्षा देने से सिर्फ इसलिए वंचित कर दिया गया क्योंकि उसकी फीस बाकी थी।

प्रिंसिपल को स्पष्टीकरण देने का निर्देश

एजुकेशन पार्क स्कूल के प्रिंसिपल पर न केवल छात्रा को परीक्षा से वंचित करने, बल्कि छात्र विशाल राठौर के साथ भी दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है। इस मामले में छात्रा के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जनपद शिक्षा केंद्र ने स्कूल प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है। निर्देश दिया गया है कि प्रिंसिपल दो दिनों के भीतर इस संबंध में अपनी सफाई दें। मामले की जांच जारी है।

इस बीच, एजुकेशन पार्क स्कूल प्रशासन ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि स्कूल सभी नियमों का पालन करता है। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, छात्रा की मौखिक परीक्षा 24 मार्च को पहले ही हो चुकी थी। उन्होंने दावा किया कि 200 विद्यार्थियों की फीस बकाया होने के बावजूद उन्हें परीक्षा में बैठने दिया गया।

पिता ने पूछा कारण, तो प्रिंसिपल ने की अभद्रता

जब छात्रा के पिता वीरेंद्र सिंह राठौर स्कूल पहुंचे और इस अमानवीय व्यवहार का कारण पूछा, तो प्रिंसिपल ने न केवल जवाब देने से इनकार कर दिया, बल्कि सार्वजनिक रूप से अभद्र भाषा में बात की। फीस बकाया होने की स्थिति में भी एक मासूम बच्ची से उसका परीक्षा देने का अधिकार छीन लेना शिक्षा के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

छात्रा के पिता ने स्कूल प्रशासन के असंवेदनशील रवैये के खिलाफ पुलिस थाना भीकनगांव, बीआरसी और बीईओ कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मांग की कि स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे को इस तरह शिक्षा से वंचित न किया जाए।