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पांच हजार से अधिक अनुयायियों ने गुरुवर को दी अंतिम विदाई, बाजार रहे बंद, फूलों से सजाई समाधि

निरंजन ब्रह्मचर्य शिवना मठ के गुरु का पार्थिव शरीर समाधि में विराजित
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खरगोन

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Amit Onker

Jul 17, 2022

mausoleum

mausoleum

खरगोन. फूलों की वर्षा। गुरुवर के जयघोष। नम आंखें और आस्था में झुके शीश। गुरुवर की विदाई के अंतिम क्षण रविवार को कुछ ऐसे ही बीते। अवसर था शिवना मठ के गुरु 1008 विवेकानंद महाराज के अंतिम दर्शन यात्रा का। नार्मदीय ब्राह्मण समाज की चार प्रमुख गादियों में शामिल शिवना मठ के 13वें गुरु विवेकानंद महाराज को रविवार 12 गुरु समाधियों के पास ही समाधि दी गई। अंतिम दर्शन यात्रा में 5000 से ज्यादा अनुयायी शामिल हुए।


जिला मुख्यालय से करीब 45 किमी दूर झिरन्या क्षेत्र के शिवना में रविवार को बाजार बंद रहा। गुरु 1008 स्वामी विवेकानंद महाराज के पार्थिव शरीर को 12 गुरुओं की समाधियों के पास समाधि दी गई। यहां मुस्लिमों ने भी अपने क्षेत्र में अंतिम यात्रा पर पुष्प बरसाए। अंतिम यात्रा जब गांव में निकली तो ग्रामीणों ने जगह-जगह यात्रा में शामिल अनुयायियों के लिए पानी की व्यवस्था की। करीब 5000 पुरुष एवं महिला अंतिम यात्रा में शामिल हुए। समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल शर्मा, महामंत्रीद्वय महेंद्र शुक्ला, सुनील शर्मा, खरगोन के कृष्ण बर्वे, संजीव भटोरे, गजेंद्र गीते, शरद बर्वे, आलोक डोंगरे, दिलीप जोशी, बमनाला क्षेत्र के जनपद सदस्य मनोज जायसवाल, घनश्याम राठौड़ विजय बड़ोले, युवा समिति के अध्यक्ष शिवम पगारे, संतोष मोयदे, रत्नदीप मोयदे, विश्वदीप मोयदे शामिल हुए। बमनाला से आए पंडित सौरव सोहनी एवं ब्राह्मण परिवार सहित शामिल हुए। विधि अनुरूप अंतिम संस्कार कराया। इस अवसर पर संस्कृत विद्यापीठ महेश्वर से दिलीप सोहनी एवं आसपास के साधु, संत विशेष रूप से मौजूद थे।


रातभर होते रहे भजन-कीर्तन, नहीं जले चूल्हे
गुरु विवेकानंद महाराज ने शनिवार को देह त्यागी। बीती रात गुरुगादी परिसर में महिला, पुरुषों ने भजन कीर्तन किए। इंदौर से 3 क्विंटल गुलाब पूरी शोभायात्रा में बिछाए गए। ग्राम शिवना में एक भी घर में चूल्हा नहीं जला। बाजार पूरी तरह बंद रहे। स्वर्गीय विवेकानंद महाराज के भाई प्रमोद पगारे ने आभार माना। बैंड बाजों से गुरुवर की अंतिम यात्रा पूरे गांव में निकाली।