
जूनागढ़ के नवीन गिरी
बेड़िया. नर्मदा का तट इन दिनों परिक्रमावासियों से पटा है। नर्मदा परिक्रमा करनेवाले यात्रियों में कई मन्नतधारी यात्री भी शामिल हैं। इसी भीड़ में विश्व मंगल की कामना को लेकर जूनागढ़ के संत नवीन गिरी महाराज भी शामिल हैं। इनकी यात्रा कुछ अनोखी है। वे जमीन पर रेंगकर यात्रा कर रहे हैं जिसे दंडवत यात्रा कहा जाता है. उनकी यात्रा का उद्देश्य बताते हुए संत नवीन गिरी ने कहा कि वे विश्व कल्याण के लिए यह यात्रा कर रहे हैं।
तीन साल, तीन माह और 13 दिन में वह नर्मदा की परिक्रमा पूरी करेंगे- 18 नवंबर से तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर से निकले संत नवीन गिरी दंडवत यात्रा कर रहे हैं। वह 22 दिनों में बेड़िया क्षेत्र तक पहुंचे है। संकल्प है कि तीन साल, तीन माह और 13 दिन में वह नर्मदा की परिक्रमा पूरी करेंगे। यात्रा में वैकल्पिक सहयोगार्थी रवि सोनी ने बताया संत नवीन गिरी महाराज प्रति दिन 3 किमी की यात्रा मार्ग को दंडवत मुद्रा में तय करते हैं। अगले दिन पुन: यात्रा को स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से आगे बढ़ते हैं। उस दौरान वे मौन व्रत लिए कोई बातचीत नहीं करते। क्षेत्र के ग्राम नगावां में उनका रात्रि विश्राम स्थल रहा।
यात्रा का उद्देश्य बताते हुए उन्होंने कहा कि वे विश्व कल्याण के लिए यह यात्रा कर रहे - बाबा नवीन गिरी ने अपने परिचय में बताया कि वे वाड़ीनाथ अखाड़ा जिला मेहसाणा से है। उनकी यात्रा का उद्देश्य बताते हुए उन्होंने कहा कि वे विश्व कल्याण के लिए यह यात्रा कर रहे हैं। इसी संकल्प के साथ शुरु की यात्रा को वे जलाभिषेक से पुन: ओकारेश्वर में ही आकर संपन्न करेंगे।
Published on:
11 Dec 2022 12:00 pm

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