2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नया जिला बन सकता है महेश्वर, प्राचीन काल में यहीं था ‘महिष्मति’

new district in mp: कभी महिष्मति के नाम से जाना जाता था मध्यप्रदेश का महेश्वर, बनाया जा सकता है नया जिला...।

2 min read
Google source verification

खरगोन

image

Manish Geete

Apr 06, 2023

maheshwar news

new district in mp: मध्यप्रदेश में हाल ही में मैहर, पांढुर्ना और मऊगंज को नया जिला बनाने के बाद मध्यप्रदेश में अब 55 जिले हो गए हैं। इसके अलावा कई छोटी तहसीलों को भी जिला बनाने की मांग उठ रही है, कई तहसीलों के प्रस्ताव भी लंबित हैं। इस बीच निमाड़ क्षेत्र के महेश्वर को भी जिला बनाने की मांग काफी समय से अटकी हुई है। यदि महेश्वर को नया जिला बनाया जाता है तो यह अपने आप में बड़ा फैसला होगा। महेश्वर प्राचीन शहर है, जिसे कभी महिष्मति (maheshmati) के नाम से जाना जाता था। यह स्थान देवी अहिल्याबाई की राजधानी भी रही है।

निमाड़ क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि महेश्वर को कभी भी सौगात मिल सकती है। महेश्वर धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अपनी अलग पहचान बना चुका है। इस शहर में साउथ इंडियन, बॉलीवुड और अब हॉलीवुड कलाकारों की फिल्मों की शूटिंग भी होती है। इसे लेकर काफी समय से महेश्वर को जिला बनाने की मांग उठ रही है।

सूत्रों के मुताबिक तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी लोगों ने कई बार महेश्वर को नया जिला बनाने की मांग की थी। इसके बाद नए सीएम डा. मोहन यादव से भी महेश्वर को अलग जिला बनाने की मांग कर चुके हैं। कई वर्षों से महेश्वर को जिला बनाने की मांग की जा रही है। जिला बनने की संभावनाओं को लेकर प्रशासनिक अमला सर्वे भी कर चुका है। इसके अलावा महेश्वर में मेडिकल कालेज को लेकर भी लोग प्रयास कर रहे हैं।

MP NEWS: दो नए जिले बनने के बाद मध्यप्रदेश में कितने जिले हो जाएंगे?

यह नए जिले भी बन सकते हैं

मध्यप्रदेश में पांढुर्ना भी नया जिला बन गया है। यह मध्यप्रदेश का 54वां जिला है। इसके अलावा बीना और खुरई को भी नया जिला बनाने के लिए काफी संघर्ष किया गया। इसके अलावा बुंदेलखंड के दमोह को तोड़कर हटा को नया जिला बनाने की मांग उठ चुकी है। छइंदवाड़ा जिले को तोड़कर जुन्नारदेव तहसील को भी नया जिला बनाने के लिए राजस्व विभाग ने कलेक्टर को पत्र लिखकर प्रस्ताव मांगा था। इसमें परासिया और दो विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया जा सकता है। सतना जिले से अलग होकर मैहर भी 55वां जिला बन चुका है। इससे पहले रीवा जिले को तोड़कर मऊगंज को जिला बनाया जा चुका है। यह 53वां जिला था।

नागदा और चांचौड़ा भी कतार में

नए जिले बनाए जाने की उम्मीद में नागदा और चांचौड़ा भी शामिल हैं। इसके भी प्रस्ताव बन चुके हैं। लेकिन मामला राजनीतिक कारणों से अधर में अटका हुआ है।


26 राज्यों में फैली होलकर घराने की संपत्तियां फिर सुर्खियों में, जानिए क्या है खासगी ट्रस्ट
2500 साल से यहां है धर्म, कला और संस्कृति का संगम, पर्यटकों से लेकर बॉलीवुड तक सभी की है पसंद