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मेडिकल संचालक के बेटे के अपहरण की साजिश नाकाम, बांधकर जंगल में छोड़ा

खरगोन से कार की डिक्की में डालकर बलवाड़ा तक ले गए, पकड़े जाने डर से ढाबे के पास छोड़ा

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खरगोन

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Amit Onker

Aug 17, 2022

kidneping

बलवाड़ा थाने पर बैठा युवक आशय महाजन।

खरगोन. शहर में बुधवार रात्रि में मेडिकल संचालक के बेटे के अपहरण की सनसनीखेज घटना सामने आई हैं। होटल से खाना खाकर लौटते समय युवक को आरोपियों द्वारा किडनेप किया और उसे जबरदस्ती उठाकर ले जा रहे थे, लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते बदमाश अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुए और उन्हें युवक को छोड़कर भागना पड़ा। अपहृत युवक आशय पिता संजय महाजन (32) निवासी खंडवा रोड पुलिस को बलवाड़ा के पास जंगल में मिला है। जिसे रात में ही पुलिस ढूंढकर थाने लाई और उसके बाद परिजनों को सौंपा है। पुलिस का कहना है कि युवक के अपहरण की घटना में दोस्तों की भूमिका संदिग्ध है। घटना में इस्तेमाल स्वीप्ट कार (एमपी 46 सी-0511) सहित आरोपी फरार है। जिनकी तलाश में पुलिस टीम जुटी है।


पुलिस के अनुसार आशय पिता संजय महाजन (32) बुधवार रात को तीन दोस्त अजय गुप्ता, आशय गांगले और बकाव शेख के साथ खंडवा रोड स्थित गायत्री होटल पर खाना खाने पहुंचा था। चारों ने यहां साथ खाना खाया। रात करीब साढ़े 10 बजे आशय और अजय स्कूटी से घर आने लगे। तभी दो युवक बाइक लेकर उनके पास आए और लात मारकर आशय और अजय को गिरा दिया। इसके बाद आशय को मोटर साइकिल पर बैठाकर थोड़ी दूर पहुंचे। जहां दो अन्य बदमाश स्वीप्ट कार लेकर पहले से खड़े थे। इन्होंने आशय के हाथ-पैर और मुंह को पकड़े से बांध दिया और पीछे दिक्कतेंी में बंद कर दिया। युवक बार-बार छोडऩे की विनती कर रहा था, लेकिन आरोपियों ने एक न सुनी।


दुश्मनी या फिरौती मांगने के लिए घटना
किडनेपिंग को लेकर शहर में कई तरह की अटकलें चल रही है। वहीं यह अभी पता नहीं चला कि युवक का अपहरण किसी दुश्मनी की वजह से किया गया था या फिर फिरौती मांगने की नीयत से। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पकड़ में आने के बाद भी सारी स्थिति स्पष्ट होगी।


डेढ़ घंटे में ही अपहृत युवक को ढूंढ निकाला
घटना के वक्त अजय भी साथ था, जिसने घटना की जानकारी आशय के परिजनों को दी। जिन्होंने तत्काल पुलिस को खबर की। आरोपी जिस कार से भागे थे।उसकी अपडेट मिलने के बाद कार नंबर को सर्विसलेंस पर डाला। वहीं सभी थानों पर खबर कर तत्काल नाकेबंदी कराई। तभी पकडऩे जाने डर से बदमाशों ने अपहृत युवक को बलवाड़ा के पास हरियाणा-मेवाड़ा ढाबे के पास छोड दिया और भाग निकले। पास में भी मोबाइल फेंक गए। युवक ने जैसे-तैसे रस्सियों से खुद को आजाद कराया और अपने मोबाइल से परिजनों को सूचना दी। खरगोन से चाचा मुकेश महाजन व अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। तब तक बलवाड़ा पुलिस युवक को सुरक्षित थाने ले आई थीं।


पुलिस को शक: बचपन के दोस्त ने रची साजिश
अपहरण की घटना को लेकर पुलिस के शक की सुई युवक के दोस्तों पर टिकी हुई है। क्योंकि युवक के पिता मेडिकल व्यवसायी है और बड़ा कारोबार करते है। यह बात दोस्तों को पता है। एसपी धर्मवीरसिंह ने बताया कि घटना में इस्तेमाल स्वीप्ट कार को आशय का बचपन का दोस्त बकाव शेख मांग कर लाया था। पुलिस ने जब गाड़ी के पुराने मालिक से संपर्क किया तो पता चला कि कार को झाबुआ और आलीराजपुर के बाद खरगोन के एक व्यक्ति द्वारा खरीदा गया। लेकिन नाम ट्रांसफर नहीं होने से असली मालिक का पता नहीं चल पाया।


युवक के अपहरण की घटना में उसके बचपन के दोस्तों की भूमिका संदेहास्पद है। रात में जैसे ही घटना का पता चला वैसे ही घेराबंदी कर मोबाइल लोकेशन ट्रेस की। युवक को सुरक्षित परिजनों को सौंपा। आरोपियों की तलाश जारी है।
धर्मवीरसिंह, एसपी खरगोन