
बिस्तर पर लेटी अंजली टीका लगने के बाद चलने फिरने से लाचार हो गई।
बलवाड़ा. वैश्विक महामारी कोरोना के कारण दुनियाभर में लाखों लोगों की जान चली गई। इस बीमारी से बचाव के लिए वयस्क लोगों के साथ ही स्कूलों में छात्र-छात्राओं को भी टीके लगाए गए। वहीं बलवाड़ा के समीप मुख्त्यारा में वैक्सीन लगने के बाद एक बालिका की तबीयत खराब होने का मामला सामने आया है। 15 वर्षीय अंजली पिता कमलेश कोविड वैक्सीन लगने के बाद अपाहिज होकर पिछले तीन महीने से बिस्तर पर है।
परिजनों के मुताबिक 31 मार्च 2020 को स्कूल में सभी बच्चों के साथ अंजली को कोविड का टीका लगा था। परिवार मजदूरी करता है। अंजली ने टीका लगने की अपनी मां रीनाबाई को बताई। टीका लगने के अगले ही दिन से उसे चलने-फिरने और उठने-बैठने में दिक्कत होने लगी। इसके बाद परिजन ने स्थानीय स्तर पर उसका इलाज कराया। यहां तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो बड़वाह सिविल अस्पताल लेकर गए। यहां से बालिका को इंदौर एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया। अंजली तीन महीने से बिस्तर से उठ नहीं पा रही। इस कारण स्कूल भी छूट गया और परिवार परेशान है। अजंली शासकीय मिडिल स्कूल बलवाड़ा की नियमित छात्रा है।
डेढ़ महीने अस्पताल में रखा भर्ती: परिजनों के मुताबिक उनकी बेटी का उपचार इंदौर के एमवाय अस्पताल में कराया गया। यहां डेढ़ महीने भर्ती रखा गया। फिर भी स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। एक महीने पहले परिजन बालिका को लेकर वापस गांव लौट आए। बिस्तर पर कई दिनों तक एक जैसे पड़े रहने से शरीर में घाव हो गए। शासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली। बीमारी का कारण कोई बताने को भी तैयार नहीं है। प्रायवेट अस्पताल में इलाज कराने की हैसियत नहीं है। परिजनों ने क्षेत्रीय विधायक से भी गुहार लगाई पर कोई उत्तर नहीं मिला।
डॉक्टरों के पास कोई जवाब नहीं
बालिका की बीमारी को लेकर डॉक्टरों के पास भी कोई ठोस जवाब नहीं है। बलवाड़ा के मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनिल कुमावत का कहना है कि बच्ची को परिजन लेकर आए थे। हमने बड़वाह रेफर कर दिया था। हाल ही में परिजन जब बच्ची को लेकर खरगोन जिला अस्पताल दिखाने पहुंचे। यहां अस्थि रोग विशेषज्ञ लक्ष्मण आर्य ने बताया कि बालिका के शरीर का 80 प्रतिशत हिस्से से काम करना बंद कर दिया।
अंजली नियमित छात्रा है। वैक्सीन के पूर्व स्वस्थ्य थीं। मैंने लिखित प्रमाणित किया है। बीमारी का कारण डॉक्टर ही बता पाएंगे।
ललित शर्मा, प्रधान पाठक, मुख्त्यारा मिडिल स्कूल
बच्ची का इलाज एमवाय अस्पताल में हुआ है। सभी जांचें भी हुई हैं। अभी तक बीमारी का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
डीएस चौहान, सीएमएचओ खरगोन
Published on:
09 Jul 2022 11:31 pm
बड़ी खबरें
View Allखरगोन
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
