
कुएं के अंदर मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए क्रेन की सहायता से नीचे जाते रेस्क्यू कर्मी।
खरगोन.
जिला मुख्यालय से करीब २० किमी दूर मेनगांव थाने के ग्राम पोखर में कुआं गहरीकरण के दौरान शुक्रवार सुबह करीब ११ बजे मुंडेर धंस गई। हादसे में कुएं के अंदर काम कर रहे दो मजदूरों की मलबे में दबने से मौत हो गई। हादसा इतना दर्दनाक था कि मजदूरोंं के ऊपर करीब १० फीट मलबा लद गया, उनकी चीख तक नहीं निकली। मलबे के ढेर को हटाने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। करीब ७ घंटे के मेहनत के बाद शाम करीब ६.२५ बजे पहले मजदूर का शव ही निकला। उसकी भी बुरी स्थिति थी। पैर सीधे नहीं हो पाए। देखकर अंदाजा लगाया जा सकता था कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वहीं शनिवार को तड़के ३ तीन बजे से चले रेस्क्यू के बाद सुबह ८ बजे दूसरे मजदूर का शव भी बाहर निकाला जा सका।
मेनगांव टीआई धीरेंद्र मिश्रा ने बताया गोपालपुरा निवासी ललित-बलीराम पाटीदार का कुआं ग्राम पोखर के पास है। शुक्रवार को कुएं का गहरीकरण चल रहा था। इसमें ग्राम रजूर के दो मजदूर मुन्ना टूटला (४०) व जाधव पिता नानसिंग (४५) अपने दो साथियों सहित काम कर रहे थे। मुन्ना और जाधव कुएं में उतरकर क्रेन की मदद से लटकाए डाले में मलबा भर रहे थे। उनके साथी कुएं के ऊपर उसे खाली करने का काम कर रहे थे। पोखर के पंढरी ने बताया कुएं की मुंडेर पक्की थी। उसके नीचे खोह बन गई। पकड़ कमजोर होने की वजह से वह अचानक धंस गई। उसके साथ बड़ी मात्रा में मलबा कुएं में मुन्ना और जाधव के ऊपर जा गिरा। उनके साथ कुएं में लटकाया डाला भी दब गया। शवों व डाले के ऊपर करीब १० फीट मलबा लद गया।
ूेदोपहर १२ बजे शुरू हुआ रेसक्यू, शाम ६.२५ बजे निकला पहला शव
मोके पर पहुंची नायब तहसीलदार प्रज्ञा गीते ने बताया घटना की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचे। चूंकि दोनों मजदूरों के शव मलबे में दबे थे। पहले क्रेन की मदद से मलबा बाहर निकाला। इसमें करीब ७ घंटे लग गए। इस बीच शाम करीब 5 बजे एसडीएम अभिषेक गेहलोत, एसडीओपी दिलीपसिंह बिलवाल भी मौके पर पहुंचे। शाम करीब ६.२५ बजे क्रेन के पंजे में मलबे के साथ जाधव शव बाहर आया। उसकी पहचान परिजनों ने की। मुन्ना के शव को लेकर मशक्कत जारी रही।
मुन्ना के शव को ढंूढने में छूटे पसीने
जाधव का शव मिलने के बाद उम्मीद थी कि तत्काल मुन्ना का शव भी मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जैसे-जैसे समय बीता अंधेरा छाने लगा। प्रशासन ने तत्काल जनरेटर के सहारे लाइट की व्यवस्था की और मलबे में मुन्ना का शव तलाशते रहे। शाम ७ बजे तक भी दूसरा शव नहीं मिल पाया था। रात्रि करीब ११ बजे तक शव को निकालने के लिए जद्दोजहद होती रही। फिर रात में अंधेरा होने से रेस्क्यू को रोका गया। वहीं तड़के ३ बजे से पोकलेन सहित मशीनें चलाकर मलबे में दबे मजदूर के शव को निकाला गया।
रजूर में छाया मातम, फूटफूट कर रोए परिवार
ग्राम रजूर के अशोक बार्चे ने बताया सूचना के बाद गांव में मातम छा गया। जिस क्षेत्र में मजदूर रहते थे, उनके घरों में रुदन सुनाई देने लगा। परिवार के सदस्य फूटफूट कर रोए। रिश्तेदारों का जमावड़ा भी लगा। ग्रामीण उन्हें ढांढस बंधाते रहे।
Published on:
12 May 2018 12:12 pm
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