
वैष्णवी सेंगर एसएसबी पास कर बनी सब लेफ्टिनेंट
मंडलेश्वर(खरगोन). बचपन में ही अपने पिता को खो देनेवाली जलूद की बेटी वैष्णवी सेंगर अब समंदर का सीना चीर रही है. इसी के साथ वैष्णवी ने नौसेना में शामिल होकर राष्ट्र की सेवा करने के सपने को सच कर दिखाया है। वैष्णवी नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के लिए चुनी गई है। उन्हें नेवल आर्मामेंट इंस्पेक्शन कैडर के लिए चुना गया है.
विशेषज्ञों ने बताया कि भारतीय नौसेना जब भी किसी हथियार को नौसेना में शामिल करती है, तो उसका परीक्षण एक एक्सपर्ट टीम करती है। उसकी सिफारिश के बाद ही नौसेना उस हथियार को खरीदती है। नौसेना की उस महत्वपूर्ण टीम को नेवल आर्मामेंट इंस्पेक्शन कैडर कहा जाता है। जलूद की वैष्णवी सेंगर नौसेना की उसी महत्वपूर्ण टीम का हिस्सा बनेगी। वैष्णवी ने नौसेना का एसएसबी इंटरव्यू पास कर सब लेफ्टिनेंट का रैंक प्राप्त की है। ऑल इंडिया लेवल पर मात्र छह लड़कियां चयनित हुई है, जिनमें मप्र से वैष्णवी इकलौती है।
बचपन में पिता को खोया, मां बनी सहारा
वैष्णवी बचपन में ही अपने पिता महेश सिंह सेंगर को खो चुकी थी । मां अभिलाषा ने तीन बच्चों की परवरिश की। वैष्णवी की एक बड़ी बहन एक छोटा भाई है। मां ने महेश्वर हाइड्रल पॉवर प्रोजेक्ट में जॉब करते हुए तीनों बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी निभाई।
एनसीसी की बेस्ट कैडेट रही वैष्णवी
वैष्णवी ने प्रारंभिक शिक्षा मंडलेश्वर के निजी स्कूल से की। खंडवा से हायर सेकंडरी की। वह एनसीसी की कैडेट रही। ऑल इंडिया लेवल पर टीएससी कैंप में बेस्ट शूटर का खिताब जीता। वैष्णवी का मानना है की एनसीसी की ट्रेनिंग से ही सेना में जाने का सपना देखा। जयपुर से एमएससी करने के बाद पूरा ध्यान सीडीएस पर दिया।
कोरोना में विदेशी बच्चों को दी शिक्षा
वैष्णवी निजी स्कूल में टीचिंग करती है। कोरोना काल में वह एक बेबसाइट से अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, लंदन और सऊदी अरब के विद्यार्थियों को ऑनलाइनपढ़ाया करती थी।
केरल में होगी छह महीने की ट्रेनिंग
नौसेना के सब लेफ्टिनेंट की 6 माह की ट्रेनिंग एजीमाला केरल में होती है। सब लेफ्टिनेंट को स्पेशल फोर्स में भी भेजा जा सकता है। वैष्णवी दुनिया के बेस्ट कमांडो फोर्स मार्कोस में शामिल होना चाहती है ।
Published on:
18 Dec 2022 01:41 pm
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