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पढ़ते-पढ़ते सो जाओ… बच्चों को झपकी लेने के लिए चीन की स्कूलों में डेस्क-कम-बेड का नया बंदोबस्त

निंदिया रानी आई : शिक्षा के प्रति समग्र दृष्टिकोण, मानसिक विकास को प्राथमिकता

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पढ़ते-पढ़ते सो जाओ... बच्चों को झपकी लेने के लिए चीन की स्कूलों में डेस्क-कम-बेड का नया बंदोबस्त

पढ़ते-पढ़ते सो जाओ... बच्चों को झपकी लेने के लिए चीन की स्कूलों में डेस्क-कम-बेड का नया बंदोबस्त

बीजिंग. स्कूलों के क्लासरूम में पढ़ाई के दौरान बच्चों का झपकी लेना आम बात है। बच्चों की सेहत और मानसिक विकास को प्राथमिकता देते हुए चीन की कुछ स्कूलों में नया प्रयोग किया जा रहा है। इन स्कूलों को ऐसी डेस्क मुहैया कराई गई हैं, जो बिस्तर में बदल सकती हैं। पढ़ाई के दौरान ऊब पैदा होने पर बच्चे डेस्क को बिस्तर में बदलकर झपकी ले सकते हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि चीन में शिक्षा के प्रति समग्र दृष्टिकोण की जरूरत पर जागरूकता बढ़ रही है। स्कूलों में शिक्षा के साथ बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षकों और अभिभावकों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे बच्चों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आएगा। स्कूलों में डेस्क-कम-बेड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक्स पर एक यूजर ने लिखा, काश, ऐसा स्कूल हमारे यहां भी होता। एक दूसरे यूजर ने लिखा, ऐसी व्यवस्था दफ्तरों में भी होनी चाहिए।

सोने की फीस भी

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के गुआंडडॉन्ग प्रांत की जेशेंड प्राइमरी स्कूल में पहले से बच्चों को टीचर्स की निगरानी में सोने की सुविधा के एवज में फीस वसूली जा रही है। वहां सोने के लिए अलग कमरों में तकिया-बिस्तर का बंदोबस्त है। कमरे में सोने की फीस 680 युआन (7800 रुपए) है। डेस्क पर ही सिर झुकाकर सोने की फीस 200 युआन (2300 रुपए) वसूली जा रही है।

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