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अस्पताल कर्मियों की मिलीभगत से हो रही दवाओं की हेराफेरी

स्टोर कीपर रमेश कुमार ने विगत दिनों सदर अस्पताल में दवाओं की घोर किल्लत के वक्त इस दवा को भी दबा दिया था।

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Indresh Gupta

Feb 16, 2016

Merge on a different drug

No families are seeing pockets of sickness medicine

किशनगंज। स्थानीय सदर अस्पताल कर्मियों की मिलीभगत से लाखों रुपए मूल्य के दवा की हेराफेरी करने का मामला प्रकाश में आया है। मामला जब प्रकाश में आया तो विभिन्न बीमारियों का इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचे मरीजों को दवा वितरण काउंटर में बैठे कर्मियों ने बिना डॉक्टर के सलाह के ही ऑफ्लोक्सीन एंड ऑरनीडायजोल नामक दवा उपलब्ध करानी शुरू कर दी।

इसी दरम्यान जब स्थानीय सुभाषपल्ली निवासी मरीज विनोद यादव 37 वर्ष पिता रामदेव यादव दवाओं के सेवन की विधि जानने
चिकित्सक के पास पहुंचा, तो दवा को देख चिकित्सक भी चौंक पड़े। दरअसल, कमजोरी की शिकायत लेकर सदर अस्पताल पहुंचे
विनोद यादव को चिकित्सक ने अन्य दवाओं के साथ साथ विटामिन की दवा लेने का सुझाव दिया था।

दरअसल, यह सारा मामला दवाओं के खरीद पर टिका है। वर्ष 2014 में खरीदी गयी ऑफ्लोक्सीन नामक दवा की बड़ी खेप सदर अस्पताल के स्टोर रूम की आज भी शोभा बढ़ा रही है। स्टोर कीपर रमेश कुमार ने विगत दिनों सदर अस्पताल में दवाओं की घोर किल्लत के वक्त इस दवा को भी दबा दिया था।

2016 में दवा के एक्सपायरी डेट होने के कारण अब दवा को ठिकाने लगाने की तैयारी की जा रही है। इलाज कराने पहुंचे मरीजों को अन्य के स्थान पर ऑफ्लोक्सीन की दवा मुहैया करा कर स्टॉक को साफ करने का प्रयास किया जा रहा है। सदर अस्पताल के चिकित्सक घटना को जान से खिलवाड़ से इनकार कर दिया।

सिविल सर्जन डॉ परशुराम प्रसाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं
जायेगा। घटना की शिकायत वरीय पदाधिकारी से कर दी गई है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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