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भोजपुर: भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वेश्वर ओझा हत्याकांड के चश्मदीद गवाह कमल किशोर मिश्रा को घात लगाए अपराधियों ने गोलियों से भून डाला। अपराधियों की गोलीबारी में अमर नाथ मिश्रा बुरी तरह जख्मी हो गए। इनका इलाज आरा सदर अस्पताल में चल रहा है। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया और हंगामा करने लगे।
भोजपुर जिले के कारनामेपुर पुलिस आउट पोस्ट के सोनवर्षा गांव में घात लगाए अपराधियों ने शुक्रवार की सुबह हत्याकांड को अंजाम दिय। घटना के वक्त कमल किशोर मिश्रा अमरनाथ मिश्रा के साथ खेत से घर लौट रहे थे। गांव के ब्रम्हस्थान के पास घात लगाए पांच- छह अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर कमलकिशोर मिश्रा को मौत की नींद सुला दिया। हमले में अमरनाथ मिश्रा बुरी तरह जख्मी हो गए। उन्हें फौरन आरा सदर अस्पताल ले जाया गया जहां सघन इलाज चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कमलकिशोर मिश्रा को प्रतिबंधित कारबाइन राइफल से गोलियां चलाकर मार डाला गया। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी भाग निकलने में सफल रहे। कमलकिशोर मिश्रा विश्वेश्वर ओझा हत्याकांड के चश्मदीद गवाह थे। ओझा के भाई भुअर ओझा ने कहा कि मुकदमे के ट्रायल को प्रभावित करने के लिए हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। उन्होंने मामले का की प्रथमिकी दर्ज कराते हुए अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। हत्याकांड से उखड़े ग्रमीणों नाम पुलिस को शव उठाने से घंटों रोके रखा । कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा ।
बता दें कि भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वेश्वर ओझा को सोनवर्षा गांव में ही 12फरवरी 2016को गोलियों से भूनकर मार डाला गया था । हत्याकांड का मुख्य आरोपी ब्रजेश मिश्रा अभी तक फरार है । पुलिस ने उस पर 50हजार का इनाम घोषित कर रखा है ।
Published on:
28 Sept 2018 04:45 pm
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